Varanasi ISBT : वाराणसी में 9 एकड़ जमीन पर बनेगा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, शासन को भेजा प्रस्ताव

Varanasi ISBT : वाराणसी के चांदपुर में करीब 9 एकड़ जमीन पर आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जमीन हस्तांतरण और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होगी।

Varanasi ISBT : वाराणसी में 9 एकड़ जमीन पर बनेगा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, शासन को भेजा गया प्रस्ताव

Varanasi ISBT : वाराणसी। शहर में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण की कवायद अब आगे बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने चांदपुर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र ईरी की करीब नौ एकड़ अनुपयोगी जमीन पर आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराई जाएगी।

Varanasi ISBT : कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया

प्रस्तावित परियोजना के लिए चांदपुर में ईरी की करीब नौ एकड़ अनुपयोगी जमीन को चिह्नित किया गया है। परिवहन निगम की ओर से तैयार प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। अब कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभागों के बीच जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जमीन उपलब्ध होने के बाद आईएसबीटी के निर्माण से संबंधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसमें टर्मिनल के निर्माण की अनुमानित लागत, यात्री सुविधाओं, बसों के संचालन, पार्किंग व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

Varanasi ISBT : शहर के अंदर कम होगा लंबी दूरी की बसों का दबाव

चांदपुर में आईएसबीटी बनने से वाराणसी शहर के भीतर लंबी दूरी की बसों की आवाजाही को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित टर्मिनल शहर के बाहरी हिस्से में स्थित होने के कारण अंतरराज्यीय बसों के लिए सुविधाजनक संचालन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर सीधी कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाली और वाराणसी से बाहर जाने वाली लंबी दूरी की बसों को शहर के भीतरी हिस्सों से होकर गुजरने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे प्रमुख मार्गों पर बसों का दबाव घटाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Varanasi ISBT : बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के लिए बस संचालन की योजना

प्रस्तावित आईएसबीटी से वाराणसी से विभिन्न राज्यों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवाओं को संचालित करने की योजना है। इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों और राज्यों के लिए बस संचालन की संभावनाएं शामिल हैं। वर्तमान में लंबी दूरी की बसों के संचालन से शहर के प्रमुख हिस्सों और संपर्क मार्गों पर यातायात का अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नया टर्मिनल बनने पर अंतरराज्यीय बसों को एक निर्धारित परिसर से संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।

Varanasi ISBT : एक परिसर में मिलेंगी यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित आईएसबीटी को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने की योजना है। टर्मिनल परिसर में यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, बस पार्किंग, फूड प्लाजा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यात्रियों को बसों की जानकारी, टिकटिंग और प्रतीक्षा से जुड़ी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की दिशा में भी योजना तैयार की जाएगी। बसों के लिए पर्याप्त पार्किंग और संचालन क्षेत्र विकसित किए जाने से टर्मिनल पर आने वाली बसों के प्रबंधन में भी सुविधा होगी।

Varanasi ISBT : इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी प्रस्तावित

वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ने के मद्देनजर प्रस्तावित आईएसबीटी में ई-बस चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना भी शामिल की गई है। इससे भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और चार्जिंग की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा सकेगी। परियोजना की डीपीआर तैयार होने के बाद टर्मिनल के निर्माण, सुविधाओं और संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। निर्माण लागत का वास्तविक आकलन भी डीपीआर के माध्यम से ही सामने आएगा।

Varanasi ISBT : शासन की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना

वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय के मुताबिक, चांदपुर स्थित ईरी की जमीन पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार कर परियोजना पर आने वाले खर्च समेत अन्य तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

आईएसबीटी के निर्माण से वाराणसी को एक संगठित अंतरराज्यीय बस परिवहन केंद्र मिलने के साथ ही शहर के भीतर लंबी दूरी की बसों की आवाजाही कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की उम्मीद है।

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