Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : नई शिक्षा नीति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के शिक्षा दर्शन का आधुनिक स्वरूप : नीरज सिंह, वाराणसी छात्र सम्मेलन में बोले

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : वाराणसी में भाजपा के छात्र सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के शिक्षा दर्शन का आधुनिक स्वरूप है। उन्होंने मातृभाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और अनुच्छेद 370 पर विस्तार से अपने विचार रखे।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : नई शिक्षा नीति ने साकार किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का शिक्षा दर्शन : भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत सोमवार को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल शिक्षा व्यवस्था में बदलाव नहीं है, बल्कि यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी शिक्षा दर्शन और दूरदर्शी सोच का आधुनिक स्वरूप है।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, कला, संस्कृति और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा संबंधी विचारों को नई दिशा दी है। उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और डॉ. मुखर्जी के जीवन से राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : मातृभाषा में शिक्षा को बताया डॉ. मुखर्जी की सोच का विस्तार

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : नीरज सिंह ने कहा कि वर्ष 1937 में मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अंग्रेजी के वर्चस्व को चुनौती देते हुए बांग्ला भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाया था। उनके कार्यकाल में पहली बार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को बांग्ला भाषा में संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का त्रिभाषा सूत्र, मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा, तकनीकी शिक्षा, कला और सांस्कृतिक मूल्यों को पाठ्यक्रम में शामिल करना डॉ. मुखर्जी के शिक्षा दर्शन का ही विस्तार है।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में बनाया विशिष्ट स्थान

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पिता सर आशुतोष मुखर्जी देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद थे।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision :  डॉ. मुखर्जी ने अल्पायु में ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए देश के सबसे कम उम्र के विश्वविद्यालय कुलपति बनने का गौरव प्राप्त किया।

उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आने के बाद भी डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। बंगाल में मुस्लिम लीग की विभाजनकारी राजनीति का उन्होंने मजबूती से विरोध किया। स्वतंत्र भारत की पहली केंद्र सरकार में उद्योग मंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट और बेबाक राय रखी तथा वैचारिक मतभेद के चलते वर्ष 1950 में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। बाद में 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : अनुच्छेद 370 हटाना डॉ. मुखर्जी के संकल्प की पूर्ति

नीरज सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने संसद और जनसभाओं में अनुच्छेद 370 हटाने की लगातार मांग की थी। वर्ष 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद किया गया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के ऐतिहासिक संकल्प को पूरा किया और देश की एकता एवं अखंडता को नई मजबूती प्रदान की।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : भाजपा के नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ सम्मान

सम्मेलन के दौरान भाजपा काशी क्षेत्र के नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक चौरसिया तथा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया।

स्वागत भाषण भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने किया। अंत में भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमन सोनकर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

Shyama Prasad Mukherjee Education Vision : सम्मेलन में रहे प्रमुख रूप से उपस्थित

कार्यक्रम में काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल, महापौर अशोक तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक टी. राम, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सुजीत सिंह टीका, संतोष सोलापुरकर, अनिल श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, डॉ. रचना अग्रवाल, साधना वेदांती, कुसुम पटेल सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा हजारों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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