ITR Filing 2026 : ITR Filing 2026 के दौरान की जाने वाली 10 बड़ी गलतियों के बारे में जानें। सही ITR फॉर्म, Form 16, AIS, Form 26AS, टैक्स रिजीम, कैपिटल गेन और ई-वेरिफिकेशन से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ें, ताकि इनकम टैक्स नोटिस, जुर्माना और रिफंड में देरी से बचा जा सके।
ITR Filing 2026: ITR भरते समय भूलकर भी न करें ये 10 गलतियां, वरना आ सकता है इनकम टैक्स नोटिस, रिफंड भी अटक सकता है
ITR Filing 2026: रिटर्न भरने से पहले इन 10 बातों का रखें विशेष ध्यान, नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी
ITR Filing 2026: आयकर रिटर्न (Income Tax Return-ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका है और देशभर में लाखों करदाता अपना रिटर्न भर रहे हैं। आयकर विभाग के अनुसार अब तक 40 लाख से अधिक लोग ITR दाखिल कर चुके हैं। हालांकि हर साल बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स कुछ ऐसी सामान्य गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उन्हें इनकम टैक्स विभाग का नोटिस, रिफंड में देरी, अतिरिक्त टैक्स, ब्याज या जुर्माने का सामना करना पड़ता है।
ITR Filing 2026 : यदि आप भी वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR दाखिल करने जा रहे हैं, तो रिटर्न सबमिट करने से पहले इन 10 महत्वपूर्ण बातों का ध्यान जरूर रखें।
1. सबसे पहले सही ITR फॉर्म का चयन करें
ITR भरते समय सबसे महत्वपूर्ण काम सही फॉर्म चुनना है। आपकी आय के स्रोत और कुल आय के आधार पर अलग-अलग ITR फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न अमान्य घोषित किया जा सकता है और दोबारा रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।
उदाहरण के तौर पर ITR-1 (सहज) केवल उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक मकान तथा अन्य सामान्य स्रोतों से होती है।
2. किसी भी आय को छिपाने की गलती न करें
कई लोग बैंक ब्याज, एफडी पर मिलने वाला ब्याज, किराये की आय या अन्य अतिरिक्त आय को ITR में शामिल नहीं करते। अब आयकर विभाग बैंकिंग रिकॉर्ड, TDS, AIS, Form 26AS और अन्य वित्तीय जानकारियों के माध्यम से इनका मिलान करता है। यदि आय छिपाई गई तो विभाग नोटिस भेज सकता है।
3. गलत टैक्स छूट का दावा करने से बचें
यदि आपने HRA, 80C, 80D, दान (Donation) या अन्य किसी टैक्स छूट का दावा किया है तो उसके सभी दस्तावेज आपके पास होने चाहिए। फर्जी या गलत टैक्स छूट का दावा करने पर आयकर विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
4. Form 16, AIS और Form 26AS का मिलान जरूर करें
ITR दाखिल करने से पहले अपने Form 16, Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS का मिलान अवश्य करें। यदि इनमें दर्ज जानकारी अलग-अलग है और आपने बिना जांच के रिटर्न भर दिया तो आपकी ITR जांच के दायरे में आ सकती है।
5. आखिरी तारीख का इंतजार न करें
अंतिम तिथि का इंतजार करना कई बार महंगा साबित हो सकता है। अंतिम समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक, तकनीकी समस्या या दस्तावेजों की कमी के कारण रिटर्न समय पर दाखिल नहीं हो पाता।
ITR-1 और ITR-2 की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026
ITR-3 और ITR-4 (जहां टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है): 31 अगस्त 2026
समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और ब्याज से बचा जा सकता है।
6. रिटर्न भरने के बाद वेरिफिकेशन करना न भूलें
केवल ITR जमा करना पर्याप्त नहीं है। रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।
यदि तय समय में वेरिफिकेशन नहीं किया गया तो आपका रिटर्न अमान्य माना जा सकता है और पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ सकती है।
7. बैंक खाते की जानकारी सही भरें
रिफंड सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। इसलिए बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड और प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते की जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
एक छोटी सी गलती भी आपके रिफंड में देरी का कारण बन सकती है।
8. सही टैक्स रिजीम का चयन करें
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) और पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में से सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी है।
रिटर्न भरने से पहले दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स की गणना कर लें और जो आपके लिए अधिक लाभदायक हो, उसी का चयन करें।
9. कैपिटल गेन की जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी
यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या अन्य किसी संपत्ति की बिक्री से लाभ कमाया है तो उसकी जानकारी ITR में अवश्य दें।
कैपिटल गेन छिपाने पर आयकर विभाग नोटिस जारी कर सकता है और रिटर्न की विस्तृत जांच भी हो सकती है।
10. नौकरी बदली है तो दोनों कंपनियों की आय दिखाएं
यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है तो पुरानी और नई दोनों कंपनियों से प्राप्त वेतन का विवरण ITR में शामिल करें।
ITR Filing 2026 : दोनों Form-16 के आधार पर कुल आय और TDS की सही जानकारी देना आवश्यक है। किसी एक कंपनी की आय छिपाने से टैक्स की गणना गलत हो सकती है और बाद में अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।
ITR दाखिल करने से पहले इन दस्तावेजों की करें जांच
विशेषज्ञों के अनुसार रिटर्न दाखिल करने से पहले इन दस्तावेजों का मिलान अवश्य करें—
Form-16
AIS (Annual Information Statement)
Form 26AS
बैंक स्टेटमेंट
TDS विवरण
निवेश एवं टैक्स बचत के दस्तावेज
सभी स्रोतों से प्राप्त आय का रिकॉर्ड
ITR Filing 2026 : आयकर रिटर्न दाखिल करते समय थोड़ी-सी सावधानी आपको इनकम टैक्स विभाग के नोटिस, अतिरिक्त टैक्स, जुर्माने और रिफंड में होने वाली देरी जैसी परेशानियों से बचा सकती है। जल्दबाजी में ITR दाखिल करने के बजाय सभी दस्तावेजों का मिलान करें, सही जानकारी दर्ज करें और समय पर ई-वेरिफिकेशन पूरा करें। सही तरीके से दाखिल किया गया ITR भविष्य में वित्तीय लेनदेन और ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में भी आपके लिए लाभदायक साबित होता है।