Kashi Vidyapeeth : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी हुई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य का निर्माता बताया।
Kashi Vidyapeeth : युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
Kashi Vidyapeeth : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी, युवाओं से शिक्षा, शोध और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
Kashi Vidyapeeth : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज विज्ञान संकाय में मंगलवार को ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में युवाओं की भूमिका, उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार क्षमता और नेतृत्व कौशल के माध्यम से देश के विकास को गति देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
Kashi Vidyapeeth : संगोष्ठी के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं के भीतर अपार ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नई सोच मौजूद है। यदि इन क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो देश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में राष्ट्र निर्माण का अर्थ केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, शोध, सामाजिक जागरूकता, तकनीकी नवाचार, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं देश के हित में करना चाहिए।
Kashi Vidyapeeth : प्रो. त्यागी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षा, शोध, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि युवा यदि अपने लक्ष्य के प्रति अनुशासित और समर्पित रहें तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
Kashi Vidyapeeth : राष्ट्र निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी : प्रो. रेखा
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए समाज विज्ञान संकाय की अध्यक्ष प्रो. रेखा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि युवा देश की जनशक्ति और भविष्य दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और मानवता की भावना को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए युवाओं को अपने ज्ञान और क्षमता का रचनात्मक उपयोग करना होगा।
Kashi Vidyapeeth : अनुशासन के साथ शिक्षा ग्रहण करने पर जोर
प्रभारी कुलानुशासक प्रो. राकेश तिवारी ने युवाओं को अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सफलता की मजबूत नींव तैयार करता है। युवाओं को अपने अध्ययन, व्यवहार और सामाजिक दायित्वों के प्रति गंभीर रहते हुए शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
Kashi Vidyapeeth : कार्यक्रम का स्वागत आयोजन सचिव विश्व ज्योति तिवारी ने किया। कार्यक्रम का संचालन अंशिका कुशवाहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आदित्य तिवारी ने प्रस्तुत किया।
Kashi Vidyapeeth : संगोष्ठी में सिद्धार्थ, दीपेंद्र, कृष्ण, आदर्श, अमन, अंशिका, वैभव सहित अन्य विद्यार्थी एवं उपस्थितजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने और सामाजिक विकास के लिए सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया गया।