Pushpendra Kulshrestha Temple Income : मंदिरों की आय का उपयोग गरीबों की सेवा में हो- पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, हिंदू बोर्ड की व्यवस्था पर जोर

Pushpendra Kulshrestha Temple Income : वाराणसी में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने मंदिरों की आय का उपयोग गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में करने पर जोर दिया। उन्होंने धार्मिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए पारदर्शी ‘हिंदू बोर्ड’ जैसी व्यवस्था की आवश्यकता बताई।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income : मंदिरों की आय का उपयोग गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में हो: पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, ‘हिंदू बोर्ड’ की व्यवस्था पर दिया जोर

Pushpendra Kulshrestha Temple Income : वाराणसी, 13 सितंबर 2026। होटल कैस्टिलो, वाराणसी में रविवार को आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रखर वक्ता एवं चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने मंदिरों की आय, धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मंदिरों से प्राप्त धन का उपयोग हिंदू समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा तथा सामाजिक उत्थान के लिए किया जाना चाहिए।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income : पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि देश के मंदिरों से प्राप्त धन पर सरकार के नियंत्रण अथवा उसके सरकारी उपयोग के बजाय हिंदू समाज को अपने धार्मिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उन्होंने इस दिशा में ‘हिंदू बोर्ड’ जैसी व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सेवा और जनकल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मंदिरों से प्राप्त संसाधनों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब परिवारों की सहायता और अन्य सामाजिक कार्यों में किया जाए तो इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी मदद मिल सकती है।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income :पारदर्शी व्यवस्था से हो मंदिरों की आय का सदुपयोग

कुलश्रेष्ठ ने कहा कि धार्मिक संस्थानों से प्राप्त धन के प्रबंधन के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो। इससे यह तय किया जा सकेगा कि मंदिरों के संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए प्रभावी तरीके से हो। उन्होंने धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता और समाज की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों के प्रबंधन में स्पष्ट व्यवस्था होने से लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने भारतीय समाज, संस्कृति, धार्मिक संस्थानों की भूमिका और सामाजिक दायित्वों से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से विचार साझा किए।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income :रोटरी क्लब के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी

कार्यक्रम के संयोजक रोटेरियन अमित गुप्ता रहे। क्लब के अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यक्रम की अध्यक्षता रोटेरियन सी. के. त्रिवेदी ने की। मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का परिचय रोटेरियन सतीशचंद जैन ने कराया। कार्यक्रम के आगामी आयोजनों और गतिविधियों की जानकारी क्लब के सचिव डॉ. आर. के. जायसवाल ने दी। इस दौरान रोटेरियन डॉ. राकेश मोहन, रोटेरियन नर्वदानंद दूबे, रोटेरियन शैलेन्द्र श्रीवास्तव, वर्षा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन्स, गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। इसके अलावा उद्योगपति नितिन, दीपक मायेश्वरी, सुरेश खंडेलवाल, इंद्रसेन सिंह सहित शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income :बड़ी संख्या में पहुंचे श्रोता

कार्यक्रम में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने भारतीय समाज और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं के साथ धार्मिक संस्थानों की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार रखे। उनके संबोधन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंदिरों की आय के उपयोग और धार्मिक संस्थानों की व्यवस्था को लेकर उनके विचार चर्चा का प्रमुख विषय रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रेसिडेंट इलेक्ट रोटेरियन विजय केसरी ने सभी अतिथियों, मुख्य वक्ता और उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।

Pushpendra Kulshrestha Temple Income :कार्यक्रम का संदेश

कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि धार्मिक संस्थानों के संसाधनों का उपयोग केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा तथा सामाजिक उत्थान के लिए भी किया जा सकता है। इसके लिए पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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