Hindi Diwas 2026 : भारत की भाषाएं एक-दूसरे की सहयोगी और पूरक – प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

Hindi Diwas 2026 : हिन्दी दिवस पर काशी विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग में ‘राष्ट्र निर्माण में हिन्दी की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने भारतीय भाषाओं को एक-दूसरे का सहयोगी और पूरक बताते हुए भाषाई समन्वय पर जोर दिया।

Hindi Diwas 2026 : भारत की भाषाएं एक-दूसरे की सहयोगी और पूरक हैं – प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

Hindi Diwas 2026 : काशी विद्यापीठ में ‘राष्ट्र निर्माण में हिन्दी की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, भाषा की अतिवादिता से बचने पर जोर

Hindi Diwas 2026 : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग में हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार को ‘राष्ट्र निर्माण में हिन्दी की भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में हिन्दी की भूमिका, भारतीय भाषाओं की विविधता, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता के बीच संबंध तथा बदलते दौर में हिन्दी को आधुनिक एवं तकनीकी स्वरूप प्रदान करने जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।

Hindi Diwas 2026 : संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि हिन्दी को संविधान द्वारा राजभाषा का स्थान प्राप्त है और यह देश में व्यापक स्तर पर संपर्क एवं संवाद की भाषा के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता उसकी भाषाई विविधता में निहित है। ऐसे में हिन्दी का विकास अन्य भारतीय भाषाओं के विकास के विरोध में नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर होना चाहिए।

Hindi Diwas 2026 : कुलपति ने कहा कि भारत की भाषाएं एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी और पूरक हैं। सभी भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय और सहयोग की भावना को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने भाषा को लेकर किसी भी प्रकार की अतिवादी सोच से बचने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं के बीच संवाद और पारस्परिक सम्मान की भावना ही राष्ट्रीय एकता को और मजबूत कर सकती है।

Hindi Diwas 2026 : भाषा शिक्षा की आधारशिला : प्रो. सुरेंद्र प्रताप

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग, काशी विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र प्रताप ने कहा कि देश में भाषा की समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिन्दी ने लोगों को जोड़ने और व्यापक स्तर पर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्रीय एकता के निर्माण का सबसे प्रभावशाली माध्यम बताते हुए कहा कि भाषा शिक्षा की आधारशिला है। विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में हिन्दी के प्रभावी प्रयोग से विद्यार्थियों में संवाद-कौशल, सांस्कृतिक समझ, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सहभागिता का विकास किया जा सकता है।

प्रो. सुरेंद्र प्रताप ने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की विविधता और उनके महत्व से परिचित कराना जरूरी है। भाषा के माध्यम से विद्यार्थी न केवल ज्ञान अर्जित करते हैं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक परिवेश को भी बेहतर ढंग से समझते हैं।

Hindi Diwas 2026 : हिन्दी को आधुनिक और तकनीकी स्वरूप देने की जरूरत

कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमाकान्त सिंह ने कहा कि हिन्दी के पास व्यापक जनसम्पर्क क्षमता, समृद्ध साहित्यिक परंपरा और संपर्क भाषा के रूप में महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप हिन्दी को और अधिक समावेशी, वैज्ञानिक, तकनीकी और आधुनिक स्वरूप देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग और तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में हिन्दी की उपयोगिता बढ़ाने के लिए उसे आधुनिक ज्ञान-विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र से जोड़ना जरूरी है। इससे हिन्दी न केवल संवाद की भाषा के रूप में बल्कि ज्ञान और रोजगार की भाषा के रूप में भी अपनी भूमिका को मजबूत कर सकेगी।

Hindi Diwas 2026 : शिक्षकों और शोधार्थियों ने लिया हिस्सा

संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने हिन्दी के विकास के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दी को लेकर सकारात्मक और समावेशी दृष्टिकोण विकसित करने तथा भारतीय भाषाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।

Hindi Diwas 2026 : कार्यक्रम का स्वागत डॉ. राखी देव ने किया। संचालन डॉ. राजेंद्र यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सुरेंद्र राम ने किया। इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. अम्बरीश राय, डॉ. अभिलाषा जायसवाल, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. वरुण भास्कर, डॉ. पवन सिंह, डॉ. विनय कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

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