MGKVP Diikshotsav 2026: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षोत्सव-2026 के तहत पुस्तक पठन एवं रिव्यू रिपोर्ट लेखन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि अध्ययनशील संस्कृति ही किसी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान होती है।
MGKVP Diikshotsav 2026: अध्ययनशील संस्कृति से होती है किसी विश्वविद्यालय की पहचान : प्रो. आनंद कुमार त्यागी
MGKVP Diikshotsav 2026: दीक्षोत्सव-2026 के तहत महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पुस्तक पठन एवं रिव्यू रिपोर्ट लेखन कार्यक्रम, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विकसित की आलोचनात्मक चिंतन क्षमता
MGKVP Diikshotsav 2026: वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत शनिवार को विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों में ‘पुस्तक पठन एवं रिव्यू रिपोर्ट लेखन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में अध्ययनशील वातावरण को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में नियमित पठन की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा पुस्तक समीक्षा लेखन के माध्यम से विश्लेषणात्मक एवं आलोचनात्मक चिंतन क्षमता का विकास करना रहा।
MGKVP Diikshotsav 2026: मुख्य कार्यक्रम पंत प्रशासनिक भवन स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसकी अध्ययनशील संस्कृति से होती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संवेदनशीलता, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता के विकास का सबसे प्रभावी आधार हैं।
MGKVP Diikshotsav 2026: कुलपति ने कहा कि दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित करेंगे तथा विश्वविद्यालय में ज्ञान, संवाद और बौद्धिक विमर्श की स्वस्थ परंपरा को और अधिक समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
MGKVP Diikshotsav 2026: कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने कहा कि पठन की आदत व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास और बौद्धिक परिपक्वता का विकास करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय परिवार को केवल पुस्तकों से ही नहीं, बल्कि गंभीर चिंतन, सृजनात्मक लेखन और अकादमिक उत्कृष्टता की संस्कृति से भी जोड़ते हैं।
MGKVP Diikshotsav 2026: कार्यक्रम के दौरान संयोजक प्रो. निरंजन सहाय, सहायक कुलसचिव आनंद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने विभिन्न विषयों की पुस्तकों का सामूहिक अध्ययन किया तथा उनके महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
MGKVP Diikshotsav 2026: इसी क्रम में समाजकार्य संकाय के स्मार्ट कक्ष में संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना सिन्हा के निर्देशन में पुस्तक पठन एवं रिव्यू रिपोर्ट लेखन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पुस्तकों का अध्ययन कर उनकी समीक्षा प्रस्तुत की।
MGKVP Diikshotsav 2026: वहीं अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग में भी विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार साहित्य, विज्ञान, कला, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र तथा अन्य विषयों की पुस्तकों का अध्ययन किया। अध्ययन के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने संबंधित पुस्तकों पर लिखित समीक्षा प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। इस अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तक विश्लेषण, आलोचनात्मक लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का अवसर मिला।
MGKVP Diikshotsav 2026: इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़, महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी प्रो. निशा सिंह, डॉ. नीरज कुमार सोनकर, डॉ. नवरतन सिंह, डॉ. कविता आर्या, डॉ. किरण सिंह, डॉ. रीना चटर्जी, डॉ. आरती विश्वकर्मा, प्रदीप, प्रियोदीप हलदर, शुभम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
MGKVP Diikshotsav 2026: विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत को मजबूत करने के साथ-साथ शोध, समीक्षा और रचनात्मक लेखन की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेंगे। इससे विश्वविद्यालय में अकादमिक गुणवत्ता और अध्ययनशील वातावरण को नई दिशा मिलेगी।