MGKVP Digital Library Services : काशी विद्यापीठ में डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं का विस्तार, सोल सॉफ्टवेयर और शोध चक्र पर प्रशिक्षण

MGKVP Digital Library Services : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ. भगवानदास केंद्रीय पुस्तकालय में शोध चक्र, ओसीएस और इंडकैट पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने सोल सॉफ्टवेयर, यूनियन कैटलॉग और डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी।

MGKVP Digital Library Services : काशी विद्यापीठ में सोल सॉफ्टवेयर, यूनियन कैटलॉग और ओसीएस लागू करने की प्रक्रिया जारी: प्रो. आनंद कुमार त्यागी

MGKVP Digital Library Services : डॉ. भगवानदास केंद्रीय पुस्तकालय में शोध चक्र, ओसीएस एवं इंडकैट पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

MGKVP Digital Library Services : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पुस्तकालय सेवाओं को आधुनिक, डिजिटल और शोधपरक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. भगवानदास केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से मंगलवार को शोध चक्र, ओसीएस (ओपन जर्नल सिस्टम) एवं इंडकैट को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और पुस्तकालय से जुड़े लोगों को डिजिटल सूचना सेवाओं, शोध संसाधनों और आधुनिक पुस्तकालय प्रबंधन प्रणालियों के प्रति जागरूक करना था।

MGKVP Digital Library Services : केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने इन्फ्लिबनेट केंद्र (INFLIBNET Centre) की ओर से उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न निःशुल्क सूचना सेवाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों और ज्ञान के प्रसार को गति दी जा सकती है। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों को वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) के माध्यम से उपलब्ध पत्रिकाओं एवं शोध सामग्री का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

MGKVP Digital Library Services : सोल सॉफ्टवेयर और डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं पर काम जारी

कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और इन्फ्लिबनेट केंद्र के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय में सोल (SOUL) सॉफ्टवेयर, यूनियन कैटलॉग, ओसीएस, वेब ओपेक और शोध चक्र जैसी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि इन डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से पुस्तकालय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने, उपलब्ध पुस्तकों एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी आसानी से प्राप्त करने और शोध संबंधी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, डिजिटल सूचना सेवाओं के विस्तार से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शोध वातावरण को भी मजबूती मिलेगी।

MGKVP Digital Library Services : इन्फ्लिबनेट विशेषज्ञ ने दी तकनीकी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में इन्फ्लिबनेट केंद्र के वैज्ञानिक-बी (एलएस) डॉ. नवनीत कुमार शर्मा ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शोध चक्र, ओसीएस, यूनियन कैटलॉग और आई-सर्विसेज के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने इन डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और शोध गतिविधियों में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

MGKVP Digital Library Services : कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं और ऑनलाइन शोध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करके अकादमिक जानकारी तक पहुंच आसान बनाई जा सकती है। इन सेवाओं के माध्यम से शोधार्थियों को शोध सामग्री की उपलब्धता, उसके उपयोग और अकादमिक कार्यों के संचालन में सहायता मिल सकती है।

MGKVP Digital Library Services : केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी प्रो. संतोष कुमार ने इन्फ्लिबनेट की सेवाओं और जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।

MGKVP Digital Library Services : इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम का स्वागत डॉ. विजय कुमार भारती एवं डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने किया। संचालन डॉ. अमृता मजूमदार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गौतम सोनी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, प्रभारी अभियंत्रण विभाग प्रो. राकेश तिवारी, डॉ. अनीता, डॉ. हंसा जैन सहित अन्य शिक्षक एवं संबंधित लोग उपस्थित रहे।

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