Kashi Vidyapith Art Exhibition : काशी विद्यापीठ में ‘कैनवस ऑफ इनोसेंस’ एकल कला प्रदर्शनी का शुभारंभ, 26 कलाकृतियां प्रदर्शित

Kashi Vidyapith Art Exhibition : वाराणसी के काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में एम.एफ.ए. छात्र रोहित सोनकर की ‘कैनवस ऑफ इनोसेंस’ तीन दिवसीय एकल कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में 26 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : काशी विद्यापीठ में ‘कैनवस ऑफ इनोसेंस’ एकल कला प्रदर्शनी का शुभारंभ, 26 कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र

Kashi Vidyapith Art Exhibition : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में एम.एफ.ए. चित्रकला के छात्र रोहित सोनकर की तीन दिवसीय एकल कला प्रदर्शनी ‘कैनवस ऑफ इनोसेंस’ का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में कलाकार द्वारा तैयार की गई कुल 26 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इन कलाकृतियों के माध्यम से बचपन की स्मृतियों, खेलों और मासूमियत को रंगों एवं रेखाओं के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कलाकार रोहित सोनकर के प्रयास की सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी की ओर से प्रदेश के 15 कलाकारों को प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए 15-15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी योजना के अंतर्गत रोहित सोनकर ने इस एकल कला प्रदर्शनी का आयोजन किया है।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि कलाकारों को अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के लिए मंच और प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कला प्रदर्शनी का आयोजन होना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने रोहित सोनकर की कलात्मक सोच और प्रदर्शनी के आयोजन को सराहनीय बताया।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : विशिष्ट अतिथि महिला महाविद्यालय, बीएचयू की प्रो. सरोज रानी ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों का अवलोकन करते हुए कहा कि रोहित सोनकर ने अपने चित्रों में बचपन के खेलों और उससे जुड़ी स्मृतियों को संयोजित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आधुनिक दौर में बच्चों और युवाओं में पारंपरिक एवं शारीरिक खेलों के प्रति रुचि धीरे-धीरे कम होती जा रही है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि कलाकार ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से बचपन के खेलों तथा उससे जुड़ी भावनाओं को कैनवस पर उकेरने का प्रयास किया है। कलाकृतियों में बचपन की सहजता और मासूमियत को कलात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास दिखाई देता है।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित 26 चित्र दर्शकों के लिए प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य युवा कलाकार की रचनात्मक क्षमता को सामने लाने के साथ-साथ कला प्रेमियों को समकालीन चित्रकला के विविध पक्षों से परिचित कराना भी है।

Kashi Vidyapith Art Exhibition : कार्यक्रम में डॉ. संगीता घोष, डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद, डॉ. मदन प्रसाद गुप्ता, एस. एंजेला, शालिनी कश्यप, दीपक शर्मा, सौरभ दास, आकाश दुबे, प्रवीण प्रकाश हिमांशु, रोहित सोनकर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *