Kartik Purnima 2025 Varanasi: कार्तिक पूर्णिमा पर काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, घाटों और गलियों में भारी भीड़ रही। प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए और ड्रोन से निगरानी की।
Kartik Purnima 2025 Varanasi : कार्तिक पूर्णिमा 2025 के पावन अवसर पर बुधवार को काशी नगरी में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के से ही गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ घाटों पर पहुंचने लगी। सूर्योदय होते-होते दशाश्वमेध, अस्सी, राजेन्द्र प्रसाद और मणिकर्णिका घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
भोर से ही लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। अनुमान है कि करीब 5 लाख से अधिक लोगों ने गंगा स्नान किया, जिससे घाटों से लेकर गलियों तक जाम की स्थिति बन गई। गोदौलिया और गिरजाघर चौराहे पर सुबह 9 से 10 बजे के बीच पैदल श्रद्धालुओं को रोकना पड़ा।

Kartik Purnima 2025 Varanasi : भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने संभाली कमान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शहर को सुरक्षा के 10 जोन, 18 सेक्टर और 34 सब-सेक्टर में बांटा। घाटों पर ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम से सभी प्रमुख घाटों की मॉनिटरिंग हो रही है।
एडिशनल पोस्ट पर पुलिसकर्मी खुद भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है और लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं से घाट खाली करने की अपील की जा रही है। सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने भी प्रमुख घाटों के पास सहायता शिविर लगाए हैं, जहां दूरदराज से आए श्रद्धालुओं को पानी, प्रसाद और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा दी जा रही है।
Kartik Purnima 2025 Varanasi : काशी विश्वनाथ मंदिर में भी उमड़ी भीड़

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए पहुंची। छत्ताद्वार, सरस्वती फाटक और कोतवालपुरा मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें लगीं। पुलिस ने दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग रास्तों से एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था की है।
Kartik Purnima 2025 Varanasi : धार्मिक मान्यता और श्रद्धा का उत्सव
पुराणों में वर्णित है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते मंगलवार मध्यरात्रि से ही भक्त घाटों की ओर बढ़ने लगे थे। भीड़ और जाम के बावजूद हर चेहरे पर भक्ति और उल्लास का भाव नजर आया।

काशी की गलियों में “हर-हर गंगे” और “जय भोलेनाथ” के जयकारे गूंजते रहे। गंगा तट पर दीपदान की तैयारियां भी दिनभर जारी रहीं। शाम को होने वाली देव दीपावली के लिए घाटों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।