BHU Illegal Tree Cutting : NGT ने 33 पेड़ों की अवैध कटाई पर BHU पर 2.65 करोड़ रुपये पर्यावरण मुआवजा लगाने के दिए निर्देश

BHU Illegal Tree Cutting : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में 33 पेड़ों की कथित अवैध कटाई के मामले में NGT ने सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा लगाने की प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है।

BHU Illegal Tree Cutting : BHU में 33 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला – NGT ने UPPCB को तीन महीने में 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा लगाने के दिए निर्देश

BHU Illegal Tree Cutting : वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में कथित रूप से 33 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय पर 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) लगाने की पूरी प्रक्रिया अगले तीन महीने के भीतर हर हाल में पूरी की जाए।

BHU Illegal Tree Cutting : यह मामला विश्वविद्यालय परिसर में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति के पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि काटे गए पेड़ों में सात चंदन (Sandalwood) के पेड़ भी शामिल थे, जिन्हें पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

BHU Illegal Tree Cutting : जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने एक संयुक्त जांच समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लगभग 1,300 एकड़ में फैले बीएचयू परिसर में कुल 33 पेड़ों की अवैध कटाई की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें सात चंदन के पेड़ भी शामिल थे।

BHU Illegal Tree Cutting : जांच रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने अगस्त 2025 में मामले का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरणीय क्षति का आकलन कर संबंधित पक्ष पर पर्यावरण मुआवजा निर्धारित करने और तीन महीने के भीतर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया था।

BHU Illegal Tree Cutting : समय पर कार्रवाई नहीं होने पर फिर पहुंचा मामला NGT

निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी नहीं होने पर मामले के याचिकाकर्ता अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने एनजीटी में अनुपालन याचिका दाखिल की। इसके बाद अधिकरण ने मामले की दोबारा सुनवाई की और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी।

BHU Illegal Tree Cutting : 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा तय

7 जुलाई को पारित आदेश में एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 33 पेड़ों की अवैध कटाई के लिए 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरणीय मुआवजा निर्धारित कर लिया है।

बोर्ड ने अधिकरण को अवगत कराया कि मुआवजा लगाने की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया जारी है तथा इसे निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

BHU Illegal Tree Cutting : NGT ने बढ़ाई समयसीमा, लेकिन दिए सख्त निर्देश

एनजीटी ने माना कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मूल आदेश में तय तीन महीने की समयसीमा का पालन नहीं कर पाया। हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए अधिकरण ने बोर्ड को अंतिम अवसर देते हुए समयसीमा बढ़ा दी। अधिकरण ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्यावरण मुआवजा लगाने और उससे संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं अगले तीन महीने के भीतर हर हाल में पूरी की जाएं। साथ ही यह भी संकेत दिया कि आदेश के अनुपालन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

BHU Illegal Tree Cutting : पर्यावरण संरक्षण को लेकर अहम संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल बीएचयू तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और अन्य संस्थाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि बिना वैधानिक अनुमति पेड़ों की कटाई पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है और इसके लिए भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

एनजीटी का यह आदेश पर्यावरण संरक्षण को लेकर न्यायपालिका की सख्त नीति को भी दर्शाता है, जिसके तहत प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में जवाबदेही तय की जा रही है।

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