Nasha Mukt Yuva MGKVP : काशी विद्यापीठ में नशा मुक्त युवा अभियान के तहत संगोष्ठी, विजेताओं को किया सम्मानित

Nasha Mukt Yuva MGKVP : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान के तहत संगोष्ठी आयोजित हुई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : काशी विद्यापीठ में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत संगोष्ठी, विजेताओं को किया सम्मानित

Nasha Mukt Yuva MGKVP : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग और मद्य निषेध विभाग, वाराणसी क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने, अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने की। उन्होंने अपने आईआईटी कानपुर के छात्र जीवन से लेकर पंजाब में सेवाकाल के दौरान के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवार, समाज और देश के विकास पर भी पड़ता है।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : कुलपति ने पंजाब में अपने सेवाकाल के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार नशे की समस्या ने वहां के युवाओं के जीवन और सामाजिक विकास को प्रभावित किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहते हुए अपनी ऊर्जा शिक्षा, करियर और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कमल कुमार शुक्ला, जिला आबकारी अधिकारी, वाराणसी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से दूरी बनाकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है। उन्होंने जेल अधिकारी और आबकारी अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए तथा नशे के विभिन्न दुष्परिणामों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति का सकारात्मक उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : ‘नशे की गिरफ्त में आने से परिवार भी प्रभावित’

समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजिका प्रो. अमिता सिंह ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के नशे की गिरफ्त में आने का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। नशे की प्रवृत्ति परिवार में तनाव और विघटन का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज का युवा ही भविष्य के भारत का निर्माता है। इसलिए युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे की प्रवृत्ति में फंसेंगे तो देश के विकास की गति प्रभावित होगी।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : भाषण, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

संगोष्ठी के बाद 3 अक्टूबर को आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने पुरस्कार प्रदान किए।

भाषण प्रतियोगिता में शिवानी धनकड़ ने प्रथम, शिवांशी पाठक ने द्वितीय और रोशन कुमार प्रजापति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दीक्षा सिंह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

निबंध प्रतियोगिता में खुशी मिश्र प्रथम, अरिहन्त सिंह द्वितीय और नैन्सी खरवार तृतीय स्थान पर रहीं। ममता को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसी प्रकार पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में सागर कल्याण ने प्रथम, वसीम अली ने द्वितीय और अंशिका राजपूत ने तृतीय स्थान हासिल किया। अक्षय मौर्य को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश

पुरस्कार वितरण समारोह के बाद मद्य निषेध विभाग, वाराणसी क्षेत्र की नुक्कड़ नाटक टीम ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने प्रेरणादायी नाटक का मंचन किया। कलाकारों ने नशे के दुष्परिणामों और मद्य निषेध के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को जागरूक किया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अंकुर पाण्डेय, क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी, गोरखपुर एवं वाराणसी तथा कृष्ण कुमार मिश्र, आबकारी निरीक्षक अधिकारी, वाराणसी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्ण मोहन द्विवेदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राहुल गुप्ता ने किया।

Nasha Mukt Yuva MGKVP : इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, प्रो. भारती रस्तोगी, निदेशक पर्यटन संस्थान, डॉ. सौम्या यादव, डॉ. चन्द्रशेखर, डॉ. संजय कुमार सोनकर, डॉ. जय प्रकाश यादव, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा सहित मद्य निषेध विभाग के रौशन कुमार और अंजना सिंह समेत अन्य शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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