Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : काशी विद्यापीठ में गांधी-शास्त्री जयंती पर विविध कार्यक्रम, कुलपति ने बताया विचारों की प्रासंगिकता

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा, संगोष्ठी, प्रभात फेरी और समारोह आयोजित हुए।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : काशी विद्यापीठ में गांधी-शास्त्री जयंती पर विविध कार्यक्रम, कुलपति बोले- आज भी प्रासंगिक हैं बापू और शास्त्री जी के विचार

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को विभिन्न विभागों की ओर से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांधी अध्ययन पीठ में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी की अध्यक्षता में सर्व-धर्म प्रार्थना सभा हुई, वहीं समाजशास्त्र विभाग में एक दिवसीय संगोष्ठी, विधि विभाग में जनजागरूकता प्रभात फेरी एवं स्थापना दिवस समारोह तथा अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की ओर से बापू कक्ष में गांधी जयंती समारोह आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और सर्वधर्म समभाव के विचारों के साथ लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को याद किया गया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में गांधी और शास्त्री को किया नमन

गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना सभा का शुभारंभ कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय सहित अन्य अतिथियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि एक ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के संघर्ष को नई दिशा दी, वहीं दूसरे ने ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्घोष के माध्यम से राष्ट्र को आत्मगौरव का संदेश दिया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : मंचकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने गांधी जी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ तथा अंत में ‘रघुपति राघव राजा राम’ की रामधुन प्रस्तुत की। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने धर्मग्रंथों का पाठ कर गांधी जी के सर्वधर्म समभाव के संदेश को सामने रखा। रागी बंधुओं एवं गुरुद्वारा कमेटी, लक्सा की ओर से शबद प्रस्तुति, हाफिज मोहम्मद इस्माइल द्वारा कुरान पाठ, फादर आनंद द्वारा बाइबल पाठ तथा पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया गया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती कुरील तथा धन्यवाद ज्ञापन गांधी अध्ययन पीठ की प्रभारी निदेशक प्रो. भावना वर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : विधि विभाग में एआई और न्याय व्यवस्था पर चर्चा

विधि विभाग में स्थापना दिवस समारोह एवं पुरातन छात्र समागम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाज के साथ-साथ शैक्षिक जगत और न्यायालयी व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने में भूमिका निभा रही है।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज के न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने निजता से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था में एआई के इस्तेमाल में आवश्यक जांच-पड़ताल और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : विशिष्ट अतिथि प्रो. राखी गर्ग, प्रभारी, कम्प्यूटर विभाग, महिला महाविद्यालय, बीएचयू ने डीप लर्निंग और मशीन लर्निंग की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज लगभग प्रत्येक क्षेत्र में एआई आधारित टूल उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से कम समय में सूचनाओं का संकलन और विश्लेषण किया जा सकता है।

पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने विधि के क्षेत्र में एआई के योगदान को रेखांकित किया और सुवास, अनुवाद तथा जैमिनी जैसे विभिन्न एआई टूल की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : पुरातन छात्र समागम में डॉ. पूजा सिंह, डॉ. धीरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. हंसराज, डॉ. शशांक चन्देल, डॉ. विशाल राय, डॉ. हिमांशु गिरि, डॉ. आश्रया दुब, डॉ. आलोक राय, डॉ. कलीम अख्तर, डॉ. अतुल कुमार पाल एवं डॉ. कुलदीप यादव को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्वागत विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार तथा डॉ. शिल्पी गुप्ता ने किया। संचालन कृतिका पाण्डेय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हंसराज ने किया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : समाजशास्त्र विभाग में गांधी-शास्त्री के विचारों पर संगोष्ठी

समाजशास्त्र विभाग की ओर से गांधी एवं शास्त्री जयंती पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन मूल्यों एवं शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से परिचित कराया। मुख्य वक्ता डॉ. सौम्या यादव ने गांधी जी के पांच प्रमुख सिद्धांतों—सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह एवं स्वदेशी—पर विचार रखे। उन्होंने गांधी जी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विचारों को भी जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि लाल बहादुर शास्त्री ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बने। उनके द्वारा दिया गया ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देश के किसानों और जवानों के महत्व को रेखांकित करता है।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : कार्यक्रम का संचालन डॉ. राहुल गुप्ता तथा धन्यवाद ज्ञापन समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. रेखा ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : गांधी जयंती पर विधि विभाग ने निकाली प्रभात फेरी

विधि विभाग की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर ‘बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012’ (POCSO Act) पर आधारित जनजागरूकता प्रभात फेरी निकाली गई। विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने प्रभात फेरी के उद्देश्य और पॉक्सो कानून के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से संरक्षण प्रदान किया जाता है। विधि विभाग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्लोगन के माध्यम से लोगों को कानून के प्रावधानों और बाल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान डॉ. शिल्पी गुप्ता, डॉ. राम जतन प्रसाद, डॉ. हंसराज सहित विभाग के शिक्षक मौजूद रहे।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : बापू कक्ष में गांधी जयंती समारोह, विश्वविद्यालय की स्थापना में योगदान को किया याद

अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की ओर से मानविकी संकाय स्थित बापू कक्ष में गांधी जयंती समारोह आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र सहित शिक्षकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : कुलपति प्रो. त्यागी ने गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और मानवता के उनके मूल्य वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की संकल्पना में गांधी जी के योगदान और उनकी दूरदर्शी सोच को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए समाज, राष्ट्र और शिक्षा के प्रति गांधी जी का योगदान महत्वपूर्ण था। उन्होंने विश्वविद्यालय से शिक्षित स्नातकों के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में योगदान का भी उल्लेख किया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : कुलपति ने लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व का उदाहरण देते हुए कहा कि काशी विद्यापीठ से शिक्षा प्राप्त करने वाले शास्त्री जी ने अपनी कूटनीतिक प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से देश को नई दिशा दी। उन्होंने रूस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में शास्त्री जी की भूमिका का भी उल्लेख किया।

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith : कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़ ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस प्रकार महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सत्य, अहिंसा, सर्वधर्म समभाव, स्वदेशी, राष्ट्रसेवा, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे मूल्यों को विद्यार्थियों एवं समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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