Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : काशी में 29 जून से भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव 2026 शुरू, 20 जुलाई तक होंगे धार्मिक आयोजन

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : काशी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव 2026 का शुभारंभ 29 जून से होगा। 20 जुलाई तक महास्नान, अनवसर, नवयौवन दर्शन, डोली यात्रा, ऐतिहासिक रथयात्रा मेला और बहुड़ा यात्रा सहित कई धार्मिक आयोजन होंगे।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : काशी में 29 जून से शुरू होगा भगवान जगन्नाथ का रथयात्रा महोत्सव, 20 जुलाई तक चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। असि स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव 29 जून से प्रारंभ होकर 20 जुलाई तक चलेगा। 

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : इस दौरान महास्नान, अनवसर, नवयौवन दर्शन, डोली यात्रा, ऐतिहासिक रथयात्रा मेला और बहुड़ा यात्रा सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी, असि ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में महोत्सव में शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : पुरी धाम का प्रतीक माना जाता है असि का श्री जगन्नाथ मंदिर

काशी की धार्मिक परंपरा में असि स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का विशेष महत्व है। इसे श्रीक्षेत्र पुरी धाम का प्रतीकात्मक स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन करने से भक्तों को पुरी धाम के दर्शन के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष रथयात्रा महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 1790 में हुई थी भगवान के विग्रह की स्थापना

ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार वर्ष 1790 में पुरी के तत्कालीन मुख्य पुजारी पंडित स्वामी तेजोनिधि ब्रह्मचारी ने काशी में भगवान श्रीजगन्नाथ के विग्रह की स्थापना कराई थी। इसके बाद भोंसले राज्य के दीवान पंडित बेनीराम शापुरी तथा कटक रियासत के दीवान पंडित विश्वंभर शापुरी ने असि घाट पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया। वर्ष 1802 से शापुरी परिवार के संरक्षण में यहां लगातार ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का आयोजन किया जा रहा है।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 29 जून को महास्नान और जलाभिषेक से होगा शुभारंभ

महोत्सव का शुभारंभ 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रातः 5:11 बजे भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के महास्नान एवं जलाभिषेक के साथ होगा। इसके बाद 30 जून से 14 जुलाई तक भगवान अनवसर (विश्राम) काल में रहेंगे। इस अवधि में भगवान के स्वास्थ्य लाभ की परंपरा के तहत विशेष औषधीय काढ़ा तैयार किया जाएगा, जिसे प्रतिदिन श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 14 जुलाई को होगा दुर्लभ नवयौवन दर्शन

अनवसर अवधि के बाद 14 जुलाई को भगवान का दुर्लभ नवयौवन दर्शन कराया जाएगा। इस अवसर पर भगवान को विशेष रूप से परवल के जूस का भोग अर्पित किया जाएगा। यह दर्शन वर्ष में केवल एक बार होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 15 जुलाई को निकलेगी भव्य डोली यात्रा

15 जुलाई को भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य डोली यात्रा असि स्थित मंदिर से निकलेगी। यह यात्रा दुर्गाकुंड, नवाबगंज, राम मंदिर, कश्मीरीगंज, खोजवां, शंकुलधारा, बैजनत्था और कामाख्या मंदिर मार्ग से होते हुए पंडित बेनीराम बाग (रथयात्रा क्षेत्र) पहुंचेगी। मार्ग में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर उनका स्वागत करेंगे।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 16 से 18 जुलाई तक लगेगा ऐतिहासिक रथयात्रा मेला

16, 17 और 18 जुलाई को काशी का ऐतिहासिक रथयात्रा मेला आयोजित होगा। इस दौरान भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। तीनों दिनों में प्रातःकालीन आरती, विशेष भोग, संध्या आरती और रात्रि महाआरती सहित नियमित धार्मिक अनुष्ठान होंगे। 18 जुलाई की मध्यरात्रि महाआरती के साथ मेले का समापन होगा।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : 19 जुलाई को होगी बहुड़ा यात्रा

मेला समाप्त होने के बाद 19 जुलाई को बहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से भगवान पुनः असि स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे। इसके अगले दिन 20 जुलाई से मंदिर में नियमित दर्शन-पूजन की व्यवस्था पुनः प्रारंभ हो जाएगी।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का महापर्व

ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी, असि के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने कहा कि भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और सनातन परंपरा का प्रतीक महापर्व है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस दिव्य आयोजन में सहभागी बनकर धर्म और संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

Kashi Jagannath Rath Yatra 2026 : रथयात्रा महोत्सव 2026 : प्रमुख तिथियां

29 जून: महास्नान एवं जलाभिषेक

30 जून–14 जुलाई: अनवसर (विश्राम) काल एवं औषधीय काढ़ा प्रसाद

14 जुलाई: नवयौवन दर्शन

15 जुलाई: भव्य डोली यात्रा

16–18 जुलाई: ऐतिहासिक रथयात्रा मेला

19 जुलाई: बहुड़ा यात्रा

20 जुलाई: नियमित दर्शन-पूजन प्रारंभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *