Varuna Sandhya Kathak Performance : वाराणसी में आयोजित ‘वरुणा संध्या’ कार्यक्रम में कथक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुर, लय और भाव के अद्भुत संगम ने सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत बना दिया।

Varuna Sandhya Kathak Performance : वाराणसी, सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में आयोजित साप्ताहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘वरुणा संध्या’ इस बार भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की अद्भुत छटा लेकर आया। नेहरू पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम ने सुर, लय और भाव की ऐसी त्रिवेणी प्रस्तुत की, जिसने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन वाराणसी छावनी परिषद और दीपिका कल्चरल सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय का सहयोग भी प्राप्त रहा। कार्यक्रम का माहौल राग, ताल और अभिव्यक्ति की मधुरता से गूंज उठा, जहां हर प्रस्तुति ने कला प्रेमियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
Varuna Sandhya Kathak Performance : कथक की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में कथक कलाकारों ने अपनी अद्वितीय प्रस्तुतियों से शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को जीवंत कर दिया। कलाकारों ने भाव, अभिव्यक्ति और लयकारी के समन्वय से मंच पर ऐसी छवि प्रस्तुत की, जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।
Varuna Sandhya Kathak Performance : कोलकाता से आए युवा कथक कलाकार कौशिक माइति ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से की, जिसके बाद झपताल और राग यमन पर आधारित पारंपरिक कथक तराना प्रस्तुत किया। उनके नृत्य में तिहाई, चक्कर और लयकारी का अद्भुत संतुलन देखने को मिला।
Varuna Sandhya Kathak Performance : भाव और भक्ति का अद्भुत संगम
कौशिक माइति ने भजन के माध्यम से द्रौपदी चीरहरण प्रसंग को गतभाव के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने भाव पक्ष को अत्यंत सशक्त ढंग से दर्शाया। इसके बाद “श्री रामचंद्र कृपालु भजमन” पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। कार्यक्रम का समापन ऊर्जावान शिव तांडव नृत्य के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को दिव्य ऊर्जा से भर दिया। उनकी प्रस्तुति में ताल की तीव्रता और भावों की गहराई ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
Varuna Sandhya Kathak Performance : कलाकारों का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में संस्था अध्यक्ष अजय गुप्ता और छावनी परिषद के विभाग प्रमुख अजय सिंह ने कलाकारों को अंगवस्त्र, माल्यार्पण और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन तनुज कुमार वर्मा ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अभियंता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने किया।
Varuna Sandhya Kathak Performance : संस्कृति से जोड़ता है ‘वरुणा संध्या’
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी, स्थानीय नागरिक और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। दर्शकों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘वरुणा संध्या’ की यह शाम सचमुच सुर, लय और भाव की एक अविस्मरणीय यात्रा बनकर दर्शकों के मन में बस गई।