Flood Relief in Varanasi : वाराणसी में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच मंत्री रविंद्र जायसवाल पहुंचे और खाद्यान्न किट वितरित कीं। राहत शिविरों में भोजन, सुरक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के लिए दूध-फल की व्यवस्था की गई है।
Flood Relief in Varanasi : वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाकर उनके लिए भोजन, आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जेपी मेहता स्थित राहत शिविर का दौरा कर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें खाद्यान्न किट वितरित की।
Flood Relief in Varanasi : मंत्री ने राहत शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार और जिला प्रशासन उनकी मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशान नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत के मुताबिक हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
Flood Relief in Varanasi : बच्चों को बांटी चॉकलेट, परिवारों का जाना हाल
राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वहां मौजूद बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट वितरित की और उनका हालचाल जाना। मंत्री के इस कदम से शिविर में मौजूद बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। उन्होंने अधिकारियों से राहत शिविरों में रह रहे लोगों की जरूरतों का लगातार आकलन करने और किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
Flood Relief in Varanasi : राहत शिविरों में तीन समय भोजन और नाश्ते की व्यवस्था
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। शिविरों में रह रहे लोगों को दिन में तीन समय भोजन के साथ नाश्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। लोगों के रहने के लिए पर्याप्त स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। बच्चों के लिए विशेष रूप से दूध और फलों की व्यवस्था की गई है, ताकि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के बच्चों के पोषण का भी ध्यान रखा जा सके।
Flood Relief in Varanasi : राहत शिविरों में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था
प्रभावित लोगों की सुरक्षा को देखते हुए राहत शिविरों में 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 नावें राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाई गई हैं। प्रत्येक नाव पर एक पुलिसकर्मी की तैनाती की जाएगी। रात के समय राहत एवं बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नावों पर तैनात पुलिसकर्मियों को टॉर्च भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक दिन-रात समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
Flood Relief in Varanasi : 16 बाढ़ राहत चौकियों पर मेडिकल टीमें तैनात
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाई गई 16 बाढ़ राहत चौकियों पर मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। इन टीमों के माध्यम से प्रभावित लोगों को आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके।
Flood Relief in Varanasi : एक तहसील के 14 गांव बाढ़ से प्रभावित
जिला प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल बाढ़ से एक तहसील के 14 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन के अनुसार अब तक 692 कैंपों के माध्यम से पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा चुका है।
Flood Relief in Varanasi : राहत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार निगरानी
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और राहत से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्री रविंद्र जायसवाल के राहत शिविर पहुंचने और खाद्यान्न किट वितरित करने से प्रभावित परिवारों को प्रशासनिक सहायता का भरोसा मिला। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जारी रखा जाएगा।