Sex Education in India : अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी सेक्स एजुकेशन! सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद लागू होगी नई पहल, केंद्र सरकार ने दी जानकारी

Sex Education in India : केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देशभर के स्कूलों में Comprehensive Sexuality Education (सेक्स एजुकेशन) लागू करने की तैयारी चल रही है।

Sex Education in India : NCERT नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पाठ्यक्रम तैयार करेगा। जानिए क्या पढ़ाया जाएगा, क्यों लिया गया यह फैसला और सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा।

Sex Education in India : अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी सेक्स एजुकेशन! केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद होगा लागू

Sex Education in India : नई दिल्ली। देश के स्कूलों में बच्चों को अब व्यापक यौन शिक्षा (Comprehensive Sexuality Education – CSE) दिए जाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि स्कूलों में व्यापक यौन शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी पूरी की जा रही है। हालांकि इस योजना को लागू करने से पहले सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी का इंतजार किया जाएगा। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में चल रही एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ के समक्ष दी।

Sex Education in India : पोक्सो कानून के दुरुपयोग पर सुनवाई के दौरान सामने आया प्रस्ताव

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट किशोरों के बीच आपसी सहमति से बने प्रेम संबंधों में पॉक्सो (POCSO) कानून के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने चिंता जताई कि कई मामलों में 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोर और किशोरियां अपनी सहमति से घर छोड़ देते हैं या संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा या सम्मान के नाम पर पॉक्सो के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज करा देते हैं। ऐसे मामलों में किशोरों के निजता के अधिकार, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

Sex Education in India : 26 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने दी अहम सिफारिशें

इस मुद्दे के अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में 26 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में सुझाव दिया कि बच्चों और किशोरों को उनकी उम्र के अनुसार वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक जानकारी देने के लिए स्कूलों में Comprehensive Sexuality Education (CSE) शुरू की जानी चाहिए। समिति का मानना है कि सही जानकारी मिलने से बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी और यौन अपराधों तथा शोषण के मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।

Sex Education in India : NCERT तैयार करेगा नया पाठ्यक्रम

समिति ने सिफारिश की है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप व्यापक यौन शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करे। रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय की शुरुआत प्राथमिक कक्षाओं से ही आयु-उपयुक्त (Age Appropriate) तरीके से की जानी चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षित शिक्षकों और विशेषज्ञों की नियुक्ति भी की जाएगी ताकि बच्चों को संवेदनशील और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी दी जा सके।

Sex Education in India : सप्ताह में दो दिन होगी विशेष कक्षा

विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया है कि स्कूलों में सप्ताह में दो दिन, 20-20 मिनट की अनिवार्य कक्षाएं आयोजित की जाएं।

इन कक्षाओं में बच्चों को निम्न विषयों की जानकारी दी जाएगी—

शारीरिक एवं मानसिक विकास
किशोरावस्था में होने वाले बदलाव
व्यक्तिगत सुरक्षा
Good Touch और Bad Touch की पहचान
यौन शोषण से बचाव
सम्मानजनक और सुरक्षित संबंध
ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल व्यवहार
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी जानकारी
आयु के अनुरूप लैंगिक जागरूकता
बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता होगा मुख्य उद्देश्य

Sex Education in India : सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र में अनुचित जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें उनकी उम्र के अनुरूप वैज्ञानिक और सही जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि वे किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न या गलत व्यवहार की पहचान कर सकें और समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि सही उम्र में सही जानकारी मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक बनते हैं।

Sex Education in India : सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद होगा चरणबद्ध क्रियान्वयन

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद इस योजना को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्यों, शिक्षा विभागों और NCERT के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा, जिसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और स्वस्थ विकास सुनिश्चित करना होगा।

Sex Education in India : क्या पढ़ाया जाएगा?

उम्र के अनुसार वैज्ञानिक यौन शिक्षा
Good Touch और Bad Touch
व्यक्तिगत सुरक्षा
यौन शोषण से बचाव
किशोरावस्था में शारीरिक एवं मानसिक बदलाव
सम्मानजनक संबंधों की समझ
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा विशेष कक्षाएं

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