Russia-Ukraine War: यूक्रेन में यूरोपीय सैनिक भेजे तो रूस मानेगा युद्ध, पुतिन की खुली चेतावनी

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती को रूस अपने खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन में यूरोपीय सैनिक भेजे तो रूस मानेगा युद्ध की कार्रवाई, पुतिन की खुली चेतावनी

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को यूक्रेन में सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि यूरोपीय देश यूक्रेन की जमीन पर अपने सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ युद्ध की कार्रवाई के तौर पर देखेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने का कोई इरादा नहीं है।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती पर पुतिन का सख्त रुख

पुतिन के मुताबिक रूस यूरोपीय देशों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है और मॉस्को की यूरोप के साथ किसी नए संघर्ष में जाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस के पास यूरोपीय देशों के साथ किसी सैन्य टकराव में जाने का कोई आधार नहीं है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि यूरोपीय देशों के साथ रूस के संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे पहले ही सुलझाए जा चुके हैं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं और सोवियत संघ के विघटन के बाद स्थापित व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।

Russia-Ukraine War: पुतिन ने कहा कि इन व्यवस्थाओं को रूस की सहमति से लागू किया गया था और इनके विपरीत उठाया गया कोई भी कदम रूस के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के संदर्भ में भी जोड़ा।

यूरोप को धमकी देने का कोई इरादा नहीं: पुतिन

पुतिन ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि रूस यूरोपीय देशों को धमकाने की कोशिश नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि रूस की ओर से यूरोप के खिलाफ कोई आक्रामक योजना नहीं है।

Russia-Ukraine War: हालांकि, यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती के सवाल पर उनका रुख बेहद स्पष्ट रहा। पुतिन ने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे रूस के साथ युद्ध की स्थिति के तौर पर देखेगा। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि मॉस्को यूक्रेन में किसी भी प्रत्यक्ष यूरोपीय सैन्य मौजूदगी को रूस के खिलाफ सीधी सैन्य भागीदारी के रूप में देख सकता है।

Russia-Ukraine War: पांचवें साल में रूस-यूक्रेन युद्ध

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। संघर्ष अब पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान अमेरिका और यूरोप के कई देशों ने यूक्रेन को राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य सहायता उपलब्ध कराई है।

पश्चिमी देशों की ओर से यूक्रेन को लगातार मिल रहे समर्थन के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त नहीं हो सका है। इसी बीच यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर यूरोपीय देशों की भूमिका और संभावित सैन्य तैनाती का मुद्दा भी अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।

Russia-Ukraine War: ट्रंप प्रशासन की बातचीत की कोशिश

दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने तथा दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास जारी हैं। इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने मॉस्को की यात्रा की थी। मॉस्को यात्रा के बाद दोनों ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की। ऐसे समय में पुतिन की ओर से यूरोपीय देशों को दी गई चेतावनी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Russia-Ukraine War: भारत दौरे पर हैं व्लादिमीर पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। भारत पहुंचने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में ‘प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030’ को लागू करने तथा बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई।

Russia-Ukraine War: दो हफ्ते से भी कम समय में मोदी-पुतिन की दूसरी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की यह मुलाकात दो हफ्ते से भी कम समय में दोनों नेताओं की दूसरी बैठक थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान मिले थे।

Russia-Ukraine War: BRICS सम्मेलन के दौरान पुतिन की ओर से यूरोपीय देशों को दी गई चेतावनी ऐसे समय सामने आई है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की भूमिका और भविष्य में संभावित सैन्य भागीदारी को लेकर चर्चा तेज है।

Russia-Ukraine War: क्या है पुतिन के बयान का मतलब?

पुतिन का संदेश मुख्य रूप से यह है कि रूस यूक्रेन में यूरोपीय देशों की प्रत्यक्ष सैन्य मौजूदगी को केवल सहायता या शांति प्रयास के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। यदि यूरोपीय सैनिक यूक्रेन की जमीन पर तैनात होते हैं, तो मॉस्को इसे रूस के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई मान सकता है।

इस बयान से रूस और यूरोप के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में और संवेदनशीलता बढ़ने की आशंका है। साथ ही, यह चेतावनी यूक्रेन युद्ध के संभावित विस्तार को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा सकती है।

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