Ayush Interns Stipend Hike : आयुष इंटर्न्स के मानदेय में बढ़ोतरी पर 7 से 10 दिन में निर्णय, मंत्री दयाशंकर मिश्र ने दिया भरोसा

Ayush Interns Stipend Hike : आयुष इंटर्न्स के 7,500 रुपये मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की मांग पर मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने 7 से 10 दिन में निर्णय की उम्मीद जताई। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है।

Ayush Interns Stipend Hike : आयुष इंटर्न्स के मानदेय में बढ़ोतरी पर 7 से 10 दिन में निर्णय, आयुष मंत्री ने दिया भरोसा

Ayush Interns Stipend Hike : वाराणसी, 12 सितंबर। प्रदेश के राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक महाविद्यालयों में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शनिवार को आयुष इंटर्न्स के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ से मुलाकात की। सिगरा स्थित मंत्री के कैंप कार्यालय पहुंचे प्रदेशभर के इंटर्न्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपा।

मंत्री ने विद्यार्थियों से विस्तार से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को शासन स्तर पर गंभीरता से रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष इंटर्न्स के मानदेय से संबंधित मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में भी लाया जा चुका है और इस दिशा में शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। मंत्री ने अगले 7 से 10 दिन के भीतर निर्णय होने की उम्मीद जताई।

Ayush Interns Stipend Hike : 15 वर्षों से 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलने का मुद्दा

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से राजकीय आयुष महाविद्यालयों में एक वर्षीय अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों के स्टाइपेंड के पुनरीक्षण की मांग उठाई। इंटर्न्स का कहना है कि वर्तमान में उन्हें केवल 7,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। इस हिसाब से प्रतिदिन लगभग 250 रुपये की राशि बनती है।

विद्यार्थियों ने कहा कि यह स्टाइपेंड करीब 15 वर्षों से अपरिवर्तित है। इस अवधि में महंगाई और जीवन-यापन की लागत में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन इंटर्न्स को मिलने वाले मानदेय में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी की मांग की।

Ayush Interns Stipend Hike : 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी का बताया हवाला

आयुष इंटर्न्स ने मंत्री को बताया कि उनकी इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि अस्पतालों की नियमित चिकित्सा सेवाओं में भी उनकी सक्रिय भागीदारी होती है। विद्यार्थियों के अनुसार वे ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी और रात्रि ड्यूटी में 10 से 12 घंटे तक सेवाएं देते हैं। इंटर्न्स का कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा व्यवस्था में जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड लंबे समय से एक ही स्तर पर बना हुआ है। विद्यार्थियों ने अपने कार्यभार और जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय बढ़ाने की मांग मंत्री के सामने रखी।

Ayush Interns Stipend Hike : एलोपैथिक इंटर्न्स के मानदेय से की तुलना

प्रतिनिधिमंडल ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स के मानदेय का मुद्दा भी उठाया। इंटर्न्स ने कहा कि एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के इंटर्न्स को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलने की स्थिति में आयुष इंटर्न्स को अभी भी 7,500 रुपये प्रतिमाह मिलना उचित नहीं है।

उन्होंने समान कार्य के लिए समान मानदेय के सिद्धांत का हवाला देते हुए आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड में भी उचित वृद्धि किए जाने की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि आयुष चिकित्सा व्यवस्था में भी इंटर्न्स अस्पतालों की सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके मानदेय की समीक्षा जरूरी है।

Ayush Interns Stipend Hike : मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला, जल्द निर्णय का आश्वासन

आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने विद्यार्थियों की बात गंभीरता से सुनते हुए कहा कि उनकी मांग न्यायोचित है और इस विषय को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जा रहा है। मंत्री के अनुसार यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में पहले ही लाया जा चुका है।

उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक दिशा में विचार कर रही है और अगले 7 से 10 दिनों में निर्णय होने की उम्मीद है।

मंत्री ने छात्र-छात्राओं से कहा कि, “बच्चों की चिंता हमारी भी चिंता है।” उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जायज मांगों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा और उनके हित में जल्द सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

Ayush Interns Stipend Hike : प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय से भी हुई वार्ता

मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ आयुष छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय से जुड़े विषय को लेकर प्रमुख सचिव, आयुष विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय से भी वार्ता की गई है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आयुष इंटर्न्स के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय सामने आएगा और लंबे समय से चली आ रही मानदेय संबंधी समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मंत्री विद्यार्थियों की मांग को शासन तक पहुंचाने और उसके समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

Ayush Interns Stipend Hike : वाराणसी समेत प्रदेशभर के इंटर्न्स रहे मौजूद

सिगरा स्थित कैंप कार्यालय में हुई मुलाकात में वाराणसी के साथ-साथ लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, अलीगढ़ और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक महाविद्यालयों के इंटर्न्स शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष मानदेय बढ़ोतरी सहित अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को रखा। मंत्री ने सभी बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

Ayush Interns Stipend Hike : क्या है आयुष इंटर्न्स की प्रमुख मांग?

वर्तमान 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी।

लंबे समय से अपरिवर्तित मानदेय का पुनरीक्षण।

10 से 12 घंटे की ड्यूटी और अस्पताल सेवाओं में भूमिका के अनुरूप भुगतान। अन्य चिकित्सा पद्धतियों के इंटर्न्स के मानदेय के अनुरूप उचित स्टाइपेंड। मानदेय संबंधी निर्णय जल्द लिए जाने की मांग। आयुष इंटर्न्स को अब शासन स्तर पर होने वाले निर्णय का इंतजार है। मंत्री की ओर से 7 से 10 दिन में निर्णय की उम्मीद जताए जाने के बाद विद्यार्थियों को अपनी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई की आशा है।

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