Punjab Assembly Trust Vote : पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पास, भगवंत मान सरकार को 6 महीने की राहत, 6 विधायक रहे गैरहाजिर

Punjab Assembly Trust Vote : पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव जीत लिया है। विपक्ष की गैरमौजूदगी और 6 विधायकों की अनुपस्थिति के बीच सरकार को 6 महीने की राहत मिल गई है।

Punjab Assembly Trust Vote : पंजाब की राजनीति में जारी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब राज्य सरकार पर अगले 6 महीनों तक किसी तरह का राजनीतिक संकट नहीं माना जा रहा है।

Punjab Assembly Trust Vote : विश्वास प्रस्ताव कैसे हुआ पास?

पंजाब विधानसभा में कुल 94 विधायकों में से आम आदमी पार्टी के 88 विधायक मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के पक्ष में मतदान किया। खास बात यह रही कि कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के विधायक सदन में उपस्थित नहीं थे, जिसके चलते प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया।

Punjab Assembly Trust Vote : ये 6 विधायक रहे गैरहाजिर:

विश्वास प्रस्ताव के दौरान 6 विधायक अनुपस्थित रहे, जिनमें—

कुंवर विजय प्रताप (AAP से निलंबित)
लालजीत भुल्लर (जेल में)
हरमीत सिंह पठानमाजरा (जेल में)
दवेंद्र जीत सिंह लाडी धौंस (बीमारी के कारण)
मनजिंदर सिंह लालपुरा
जसविंदर सिंह अटारी

Punjab Assembly Trust Vote : विपक्ष का हमला और विवाद

विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। बीजेपी नेता तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कथित रूप से नशे की हालत में सदन में पहुंचे थे, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

Punjab Assembly Trust Vote : डोप टेस्ट की मांग तेज

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर राजा वाड़िंग ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर सामने आने और डोप टेस्ट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपों का जवाब जनता के सामने पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए।

Punjab Assembly Trust Vote : राजनीतिक मायने क्या हैं?

इस विश्वास प्रस्ताव को केवल संख्या बल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सियासी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। AAP के भीतर कथित असंतोष और विपक्ष के हमलों के बीच यह कदम सरकार की स्थिरता दिखाने के लिए अहम माना जा रहा है।

Punjab Assembly Trust Vote : विश्वास प्रस्ताव जीतकर भगवंत मान सरकार ने फिलहाल राजनीतिक संकट को टाल दिया है, लेकिन विपक्ष के आरोप और अंदरूनी चुनौतियां आने वाले समय में सरकार के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।

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