NEET UG 2026 Paper Leak : CBI ने लातूर से कोचिंग संचालक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को किया गिरफ्तार, अब तक 10 आरोपी पकड़े गए

NEET UG 2026 Paper Leak : NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के RCC कोचिंग संस्थान के संचालक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानिए पूरी जांच, CBI की कार्रवाई और पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा।

NEET UG 2026 Paper Leak : NEET पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई

NEET UG 2026 Paper Leak : NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के चर्चित RCC कोचिंग संस्थान के संचालक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने आरोपी को महाराष्ट्र के लातूर से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसे दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 9 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। CBI के अनुसार प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं। वे लातूर स्थित RCC कोचिंग संस्थान का संचालन करते हैं, जिसकी कुल 9 शाखाएं हैं। यह संस्थान मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG की तैयारी कराने के लिए जाना जाता है।

NEET UG 2026 Paper Leak : तलाशी में मिला रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र

जांच एजेंसी ने आरोपी के संस्थान और आवास पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान CBI को रसायन विज्ञान का ऐसा प्रश्नपत्र मिला, जिसमें 3 मई 2026 को आयोजित NEET परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते सवाल पाए गए। इसके बाद एजेंसी ने आरोपी की भूमिका को गंभीर मानते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की। CBI की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की करीबी पहचान NTA से जुड़े रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी.वी. कुलकर्णी से थी। एजेंसी अब दोनों के बीच संबंधों और प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

NEET UG 2026 Paper Leak : 24 घंटे में 5 जगहों पर छापेमारी

पिछले 24 घंटों के दौरान CBI की विशेष टीमों ने देश के अलग-अलग स्थानों पर पांच जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। एजेंसी इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल चैट और रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र साझा किए जाने के संकेत मिले हैं।

NEET UG 2026 Paper Leak : 12 मई को दर्ज हुआ था मामला

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने 12 मई 2026 को औपचारिक FIR दर्ज की थी। मामला दर्ज होते ही CBI ने कई राज्यों में विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई और संदिग्धों से पूछताछ शुरू हुई।

NEET UG 2026 Paper Leak : अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी

इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटाले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिलियानगर से पकड़ा गया है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है। अब 10वें आरोपी प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर से भी गहन पूछताछ की जा रही है।

NEET UG 2026 Paper Leak : छात्रों से लाखों रुपये लेने का आरोप

CBI जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ बिचौलियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये वसूले थे। आरोप है कि परीक्षा से पहले विशेष कोचिंग क्लास के जरिए छात्रों को उन्हीं सवालों की तैयारी कराई गई, जो बाद में NEET परीक्षा में पूछे गए। एजेंसी ने ऐसे कई बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया है, जो छात्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम कर रहे थे।

NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के असली स्रोत तक पहुंची जांच

CBI का दावा है कि जांच के दौरान रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा चुका है। हालांकि एजेंसी ने अभी आधिकारिक तौर पर पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही डिजिटल और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

NEET UG 2026 Paper Leak : देशभर में NEET परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवाल

NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। विपक्षी दल भी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब सभी की नजर CBI जांच और कोर्ट की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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