National Handloom Day : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा ने किया बुनकरों का सम्मान

National Handloom Day : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर वाराणसी में भाजपा महिला मोर्चा और कमल सखी क्लब की सदस्यों ने हथकरघा उत्पादों की खरीदारी कर बुनकरों का उत्साहवर्धन किया और अम्बरीश कुमार व रीता कुमारी को सम्मानित किया।

National Handloom Day : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा ने किया बुनकरों का सम्मान, हथकरघा उत्पादों की खरीदारी कर बढ़ाया उत्साह

National Handloom Day : वाराणसी, 7 अगस्त। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं एवं कमल सखी क्लब की सदस्यों ने शुक्रवार को बीएलडब्ल्यू स्थित त्रीशक्ति क्रिएशन में हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान महिलाओं ने हाथ से निर्मित वस्त्रों एवं अन्य हथकरघा उत्पादों की खरीदारी कर स्थानीय बुनकरों और कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में बुनकरों को सम्मानित भी किया गया।

National Handloom Day : कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस देश के उन मेहनतकश बुनकरों और कारीगरों को समर्पित है, जो अपने हुनर, परिश्रम और हथकरघे के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुनकरों की कला केवल कपड़ा नहीं बुनती, बल्कि देश की प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और विरासत को भी जीवित रखती है।

National Handloom Day : नम्रता चौरसिया ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसी ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

National Handloom Day : उन्होंने कहा कि हथकरघा उद्योग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे बड़ी संख्या में कारीगरों और बुनकर परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है और महिलाओं को रोजगार तथा आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराता है।

National Handloom Day : उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्थानीय बुनकरों एवं कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाकर हम न केवल अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित कर सकते हैं, बल्कि बुनकरों की आजीविका को भी मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने की अपील की।

National Handloom Day : इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा एवं कमल सखी क्लब की सदस्यों ने विभिन्न हथकरघा उत्पादों को देखा और उनकी गुणवत्ता तथा निर्माण प्रक्रिया की जानकारी ली। हाथ से तैयार किए गए वस्त्रों एवं अन्य उत्पादों की खरीदारी कर उन्होंने बुनकरों और कारीगरों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

National Handloom Day : कार्यक्रम के दौरान बुनकर अम्बरीश कुमार एवं रीता कुमारी को सम्मानित किया गया। उपस्थित महिलाओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर हथकरघा उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से बुनकर समुदाय का मनोबल बढ़ता है और उनकी कला को बाजार भी मिलता है।

National Handloom Day : इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में सुनीता सिंह, स्वाति चौधरी, डॉ. गीता कुमारी, सुमन शर्मा, अंजू सिंह, देवश्री गुप्ता, कंचन गुप्ता, शालिनी सिंह, अंजली गुप्ता, सुनीता ब्रुघवंशी, निशा श्रीवास्तव, दीक्षा जी, सम्मानित बुनकर अम्बरीश कुमार एवं रीता कुमारी, खुशबू कुमारी सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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