Mission Shakti Phase 5 : काशी विद्यापीठ में मिशन शक्ति-फेज 5 के तहत विशेष व्याख्यान, पंडिता रमाबाई और सुधा मूर्ति के संघर्षों पर चर्चा

Mission Shakti Phase 5 : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मिशन शक्ति-फेज 5 के तहत विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंडिता रमाबाई और सुधा मूर्ति के जीवन संघर्ष एवं महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

Mission Shakti Phase 5 : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ‘मिशन शक्ति-फेज 5’ के अंतर्गत मंगलवार को महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को समाज में प्रेरणादायक योगदान देने वाली महिलाओं के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से परिचित कराना था।

Mission Shakti Phase 5 : कार्यक्रम में मुख्य वक्ता इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद शंकर चौधरी ने महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रसिद्ध समाज सुधारक पंडिता रमाबाई के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडिता रमाबाई ने विषम परिस्थितियों में भी समाज के निम्न वर्ग की महिलाओं के उत्थान और शिक्षा के लिए निरंतर कार्य किया। उनका जीवन आज भी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रो. चौधरी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला होती है। पंडिता रमाबाई ने सामाजिक बंधनों और कठिनाइयों का सामना करते हुए महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए जो संघर्ष किया, वह वर्तमान पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है।

Mission Shakti Phase 5 : महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी प्रो. निशा सिंह ने कहा कि ‘मिशन शक्ति’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का सशक्त संदेश है। यह अभियान महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Mission Shakti Phase 5 : कार्यक्रम में डॉ. अंजु सिंह ने सुधा मूर्ति के जीवन और संघर्षों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सुधा मूर्ति का जीवन हमें साहस, आत्मनिर्भरता और विनम्रता का संदेश देता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना और सफलता मिलने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुधा मूर्ति का संघर्ष और समाज सेवा का भाव युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जिसे अपने जीवन में अपनाकर महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

Mission Shakti Phase 5 : कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजना वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रविंद्र कुमार गौतम ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

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