MGKVP 48th Convocation : MGKVP 48वां दीक्षांत समारोह- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं- तकनीक वही सार्थक है, जो संस्कृति से जुड़ी रहे

MGKVP 48th Convocation : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तकनीक को संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया। समारोह में 63,183 विद्यार्थियों को उपाधियां, 26 छात्रों को स्वर्ण पदक और वाई. श्रीधर राव को मानद डी.लिट. प्रदान की गई।

MGKVP 48th Convocation : MGKVP 48वां दीक्षांत समारोह- तकनीक वही सार्थक है, जो संस्कृति से जुड़ी रहे – राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

MGKVP 48th Convocation : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) का 48वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस वर्ष समारोह का मुख्य विषय “विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत 2047 की आधारशिला” रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। अपने प्रेरणादायी संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि “तकनीक वही सार्थक है, जो संस्कृति से जुड़ी रहे।” उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक के केवल उपयोगकर्ता नहीं बल्कि सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया। साथ ही मातृभाषा, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए नई शिक्षा नीति की सराहना की।

MGKVP 48th Convocation : राष्ट्र निर्माण में युवाओं की होगी अहम भूमिका

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ सत्य, अहिंसा और राष्ट्र सेवा की विचारधारा पर स्थापित संस्थान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का सशक्त साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री के “कैच द रेन” अभियान से जुड़ने, जल संरक्षण करने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज बचाई गई पानी की एक-एक बूंद भविष्य में किसी परिवार का जीवन बचा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की प्राचीन धरोहर वाला देश है तथा यहां की पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वभर के छात्र भारतीय योग, दर्शन और संस्कृति को सीखने भारत आ रहे हैं, जो देश की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

MGKVP 48th Convocation : काशी शिक्षा और संस्कृति की राजधानी: कैप्टन बी.के. त्यागी

समारोह के मुख्य अतिथि एवं शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के सीएमडी कैप्टन बी.के. त्यागी ने कहा कि काशी सदियों से भारत की शिक्षा और संस्कृति का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समुद्री और जलमार्ग क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं से मर्चेंट नेवी, समुद्री परिवहन और जलमार्ग आधारित रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

MGKVP 48th Convocation : संस्कारयुक्त नागरिक तैयार करना ही शिक्षा का उद्देश्य: योगेंद्र उपाध्याय

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वाराणसी ने देश को अनेक संत, साहित्यकार, विचारक और राजनेता दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि संस्कारयुक्त नागरिक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आर्थिक विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत को भी वैश्विक पहचान दिलाना आवश्यक है।

MGKVP 48th Convocation : भारत को विश्व में अग्रणी बनाए रखने की जिम्मेदारी युवाओं की: रजनी तिवारी

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना के साथ कार्य करना ही सच्ची सफलता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि अंतरिक्ष, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप और मिसाइल तकनीक सहित अनेक क्षेत्रों में भारत विश्व में अग्रणी बन रहा है और इस उपलब्धि को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवाओं पर है।

MGKVP 48th Convocation : कुलपति ने गिनाईं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने अपने प्रतिवेदन में नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में किए जा रहे नवाचार, कौशल विकास आधारित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, अनुसंधान, खेल और क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला।

MGKVP 48th Convocation : 63,183 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

48वें दीक्षांत समारोह में कुल 63,183 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।

स्नातक: 49,659
स्नातकोत्तर: 13,401
पीएचडी: 123

इनमें 22,183 छात्र और 41,000 छात्राएं शामिल रहीं।

समारोह में 26 विद्यार्थियों (20 छात्राएं और 6 छात्र) तथा दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। वहीं सत्र 2025-26 में 49 पाठ्यक्रमों में 56 विद्यार्थियों ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर टॉप किया।

MGKVP 48th Convocation : वाई. श्रीधर राव को मिली मानद डी.लिट.

भारतीय हथकरघा, प्राकृतिक रंगों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से भारतीय शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री देवी हैंडलूम, तेलंगाना के संस्थापक वाई. श्रीधर राव को विश्वविद्यालय ने मानद डी.लिट. की उपाधि से सम्मानित किया। इसके अलावा विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान भी प्रदान किया गया।

MGKVP 48th Convocation : 75 बालिकाओं का हुआ HPV टीकाकरण

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशन में 75 बालिकाओं का एचपीवी (HPV) टीकाकरण किया गया। साथ ही चंदौली जिले की पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित कर आंगनबाड़ी किट भी वितरित की गई।

MGKVP 48th Convocation : दीक्षोत्सव-2026 में हुए विविध आयोजन

दीक्षांत समारोह से पहले आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर एवं गोद लिए गए गांवों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें मां-बेटी सम्मेलन, भाषण, निबंध, कविता, चित्रकला, कहानी कथन, लोकनृत्य, देशभक्ति समूह गीत, पारंपरिक खेल, पुस्तक समीक्षा, छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण तथा स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया।

MGKVP 48th Convocation : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति, आधुनिक तकनीक, नई शिक्षा नीति और विकसित भारत-2047 के संकल्प का सशक्त संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को तकनीक, नवाचार और भारतीय मूल्यों के समन्वय के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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