Maharana Pratap National Seminar : वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में महाराणा प्रताप जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। डॉ. महेंद्र सिंह और प्रो. वंगछुग दोर्जे नेगी ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

Maharana Pratap National Seminar : महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में उतारें युवा : डॉ. महेंद्र सिंह
Maharana Pratap National Seminar : विकसित भारत के संकल्प में महाराणा प्रताप के राष्ट्र प्रेम और राष्ट्रीयता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
Maharana Pratap National Seminar : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पं. दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ के संयुक्त तत्वावधान में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को ‘विकसित भारत की संकल्पना में महाराणा प्रताप का राष्ट्र प्रेम एवं राष्ट्रीयता’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गांधी अध्ययन पीठ सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी की शुरुआत महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति से हुई।

Maharana Pratap National Seminar : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, उत्तर प्रदेश डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप जैसे वीरों का केवल जन्म नहीं होता, बल्कि उनका अवतरण होता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का स्वाभिमान और अदम्य साहस आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि जिस राजा के हाथी को अकबर नहीं झुका पाया, उसके स्वाभिमान को कोई कैसे झुका सकता है।
Maharana Pratap National Seminar : डॉ. महेंद्र सिंह ने महाराणा प्रताप के प्रिय घोड़े चेतक की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि चेतक ने घायल महाराणा प्रताप को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के बाद ही अपने प्राण त्यागे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विशाल साम्राज्य के राजा होते हुए भी अपने स्वाभिमान और संकल्प की रक्षा के लिए हर सुख का त्याग किया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो युवाओं को महाराणा प्रताप के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारना होगा।
Maharana Pratap National Seminar : कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) वंगछुग दोर्जे नेगी ने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम महाराणा प्रताप के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन में अपनाएं, तो विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा।
Maharana Pratap National Seminar : विशिष्ट अतिथि एवं सुशील सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, पराक्रम और त्याग के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी मुगलों के सामने अपना मस्तक नहीं झुकाया और यही संदेश आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि जयंती मनाने का उद्देश्य केवल स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके गुणों को आत्मसात करना है।

Maharana Pratap National Seminar : वहीं डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप आज भी देशवासियों के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में अकबर भले ही एक अध्याय बन गया हो, लेकिन भविष्य में कोई दूसरा अकबर न बने, इसके लिए युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने हृदय में बसाना होगा।
Maharana Pratap National Seminar : सारस्वत अतिथि एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष ने कहा कि महाराणा प्रताप ने संघर्षों के बीच घास की रोटी खाई, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों को भी कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
Maharana Pratap National Seminar : कार्यक्रम का संचालन महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम सचिव प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने दिया।
Maharana Pratap National Seminar : इस अवसर पर प्रो. अमिता सिंह, प्रो. संतोष कुमार, डॉ. अमरीश राय, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय, गुरु प्रकाश सिंह, करन सिंह, देवेन्द्र गिरि, रवि, पुलकित, नितिन और समर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।