Guru Prasad Singh NDDB Director : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के निदेशक नामित होने पर प्रो. गुरु प्रसाद सिंह का सम्मान किया गया। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डेयरी उद्योग, कौशल विकास और कृषि में वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।

Guru Prasad Singh NDDB Director : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान में सोमवार को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) का निदेशक नामित किए जाने पर प्रो. गुरु प्रसाद सिंह के सम्मान में एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर प्रो. सिंह को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
Guru Prasad Singh NDDB Director : कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने की। उन्होंने प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के समान एवं समावेशी विकास की भावना को बढ़ावा देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जिसमें समाज का प्रत्येक व्यक्ति समान अवसर प्राप्त कर आगे बढ़ सके।
Guru Prasad Singh NDDB Director : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में डेयरी क्षेत्र की अहम भूमिका
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने कहा कि हरित क्रांति और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि आज देश का दुग्ध व्यवसाय लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का विशाल उद्योग बन चुका है तथा दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान देश के अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के किसानों और पशुपालकों का है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी डेयरी उत्पादन को निरंतर बढ़ाया और देश को आत्मनिर्भर बनाया।

Guru Prasad Singh NDDB Director : गांव बनेंगे उद्योग और रोजगार के केंद्र तभी होगा भारत समृद्ध
प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत को वास्तविक अर्थों में विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए गांवों को केवल कृषि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि गांवों को उद्योग, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें और पलायन पर भी रोक लगे। उन्होंने कौशल आधारित कार्य संस्कृति को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बदलते दौर में केवल पारंपरिक तरीकों से विकास संभव नहीं है। युवाओं और किसानों को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।
Guru Prasad Singh NDDB Director : कृषि में टाइम मैनेजमेंट और वैज्ञानिक सोच जरूरी
प्रो. सिंह ने कृषि क्षेत्र में टाइम मैनेजमेंट की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध तरीके से खेती और पशुपालन का कार्य करें तो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर प्रबंधन से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि कृषि और डेयरी क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और इनके सतत विकास से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
Guru Prasad Singh NDDB Director : शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने दी शुभकामनाएं
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने प्रो. गुरु प्रसाद सिंह का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। कार्यक्रम में डॉ. संजय सिंह गौतम, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, हिलमिल राय, पुलकित जायसवाल, साजिया, समर सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ वे डेयरी विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए देश के विकास में अपना योगदान देने का प्रयास करेंगे।