Dhanteras Gold Price 2026 : पिछले साल से कितना महंगा हुआ सोना? 10 ग्राम पर 10 हजार तक बढ़े दाम

Dhanteras Gold Price 2026 : धनतेरस 2026 पर सोना पिछले साल के मुकाबले 5.5 से 7.6% महंगा है। जानिए 10 ग्राम सोने के दाम में कितनी बढ़ोतरी हुई, पिछले साल खरीदे सोने पर कितना रिटर्न मिला और कीमतों में गिरावट की वजह क्या है।

Dhanteras Gold Price 2026 : पिछले धनतेरस खरीदा सोना एक साल में कितना महंगा हुआ? 10 ग्राम पर मिला 8 से 10 हजार रुपये तक का फायदा

Dhanteras Gold Price 2026: धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए इस बार कीमतों का गणित समझना जरूरी है। भले ही साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने के भाव में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन पिछले साल के धनतेरस के मुकाबले सोना अब भी 5.5 से 7.6 प्रतिशत तक महंगा है। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने पिछले साल धनतेरस के आसपास सोना खरीदा था, उन्हें एक साल में अच्छा मूल्य लाभ मिला है। वहीं, इस बार खरीदारी करने वालों को 10 ग्राम सोने के लिए पिछले साल की तुलना में करीब 8,000 से 10,000 रुपये अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।

Dhanteras Gold Price 2026 : इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। भारतीय परंपरा में धनतेरस के दिन सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस अवसर पर सर्राफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। हालांकि, इस बार सोने के ऊंचे भाव आम खरीदारों के लिए चुनौती बने हुए हैं।

Dhanteras Gold Price 2026 : धनतेरस 2026 पर सोने का क्या है भाव?

मौजूदा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.38 लाख से 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच चल रही है। वहीं, 22 कैरेट सोना 1.27 लाख से 1.29 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये कीमतें केवल सोने की मूल बाजार कीमत हैं। इनमें जीएसटी और आभूषणों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। इसलिए जब ग्राहक ज्वेलरी खरीदने जाते हैं तो उन्हें वास्तविक कीमत इससे अधिक चुकानी पड़ती है।

Dhanteras Gold Price 2026 : पिछले धनतेरस के मुकाबले कितना महंगा हुआ सोना?

अगर पिछले साल के धनतेरस और इस साल के भाव की तुलना करें तो सोने की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले धनतेरस के आसपास 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.30 लाख से 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस साल यह बढ़कर 1.38 लाख से 1.41 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह एक साल में सोने की कीमत में करीब 5.5 से 7.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीधे शब्दों में कहें तो पिछले साल 10 ग्राम सोना खरीदने के लिए जितनी रकम खर्च करनी पड़ती थी, इस बार उसी मात्रा के लिए करीब 8,000 से 10,000 रुपये ज्यादा देने होंगे।

Dhanteras Gold Price 2026 :जनवरी में 1.75 लाख रुपये तक पहुंच गया था सोना

साल 2026 की शुरुआत सोने के बाजार के लिए बेहद शानदार रही थी। जनवरी के आखिरी सप्ताह में सोने की कीमत करीब 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने सोने को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया था।

हालांकि, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और सोने के भाव में गिरावट आने लगी। अब कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुकी हैं। अक्टूबर में ही सोने की कीमतों में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद पिछले साल के मुकाबले सोना महंगा बना हुआ है। यही कारण है कि बाजार में गिरावट के बाद भी आम खरीदारों को धनतेरस पर राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।

Dhanteras Gold Price 2026 : महंगे सोने से आम खरीदारों की मांग पर असर

सोने की कीमतों में लगातार तेजी का असर अब आम ग्राहकों की खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की 3 नवंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने के बार और सिक्कों की मांग सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घट गई। इसी अवधि में आभूषणों की मांग में भी 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदार खरीदारी को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। कई ग्राहक भारी आभूषणों की जगह हल्के वजन के गहने खरीदना पसंद कर रहे हैं। वहीं, कुछ खरीदार कीमतों में और गिरावट आने का इंतजार कर रहे हैं।

Dhanteras Gold Price 2026 : केंद्रीय बैंकों और निवेशकों ने बढ़ाई सोने की खरीदारी

एक तरफ आम खरीदार सोने की ऊंची कीमतों से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय बैंक और संस्थागत निवेशक लगातार सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान केंद्रीय बैंकों ने अपने स्वर्ण भंडार में शुद्ध रूप से 321 टन सोना जोड़ा। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 42 प्रतिशत अधिक है। साल 2026 के पहले नौ महीनों में केंद्रीय बैंकों की कुल सोने की खरीद 675 टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 6 प्रतिशत अधिक है।

इसके अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ी है। जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान गोल्ड ETF में 211 टन सोना जुड़ा। इससे साफ है कि आम ग्राहकों की मांग में कमी के बावजूद बड़े निवेशकों और केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने को लेकर भरोसा बना हुआ है।

Dhanteras Gold Price 2026 : भारत में सोने की मांग में भी आई गिरावट

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। यहां धनतेरस, दिवाली और शादी-विवाह के अवसर पर सोने की खरीदारी का विशेष महत्व है। इसके बावजूद ऊंची कीमतों ने भारतीय बाजार की मांग को प्रभावित किया है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की सोने की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़ी, लेकिन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान भारत में आभूषणों की मांग तिमाही आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 100 टन पहुंच गई, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 20 प्रतिशत की कमी रही। सोने के बार और सिक्कों के मामले में भारत की स्थिति फिर भी मजबूत रही। जुलाई-सितंबर तिमाही में चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहा। वैश्विक बार और सिक्कों की मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत रही।

Dhanteras Gold Price 2026 : डिजिटल गोल्ड की खरीदारी में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी

दिलचस्प बात यह है कि पारंपरिक सोने की खरीदारी में कमी के बीच डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान डिजिटल गोल्ड की खरीदारी सालाना आधार पर 44 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच डिजिटल गोल्ड की खरीद पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक रही। इससे पता चलता है कि ऊंची कीमतों के कारण कुछ निवेशक भौतिक सोना खरीदने के बजाय डिजिटल माध्यम से छोटी रकम का निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

Dhanteras Gold Price 2026 : आखिर सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?

साल की शुरुआत में सोने की कीमतों को कई अंतरराष्ट्रीय कारणों से मजबूती मिली थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसलों से पैदा हुई अनिश्चितता, गोल्ड ETF में बढ़ता निवेश और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने सोने की मांग को बढ़ावा दिया था। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया। आमतौर पर ब्याज दरें घटने की संभावना से सोना निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक हो जाता है। लेकिन दूसरी तिमाही के बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। अमेरिका के टैरिफ और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण महंगाई बढ़ने की आशंकाएं मजबूत हुईं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से परिवहन, विनिर्माण और बिजली की लागत बढ़ने का दबाव बना।

Dhanteras Gold Price 2026 : इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल होने की आशंका बढ़ी। बाजार में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की उम्मीद मजबूत हुई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और वास्तविक ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने सोने को दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले कम आकर्षक बना दिया।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में भू-राजनीतिक तनाव के मुकाबले महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े कारकों का सोने की कीमतों पर अधिक प्रभाव पड़ा।

Dhanteras Gold Price 2026 : पिछले धनतेरस खरीदा सोना कितना रिटर्न दे रहा है?

अगर किसी व्यक्ति ने पिछले साल धनतेरस के आसपास 10 ग्राम सोना खरीदा था, तो मौजूदा कीमतों के आधार पर उसे करीब 8,000 से 10,000 रुपये तक का मूल्य लाभ मिल सकता है। प्रतिशत के लिहाज से यह करीब 5.5 से 7.6 प्रतिशत का रिटर्न है। हालांकि, वास्तविक मुनाफा खरीदारी के समय चुकाई गई कीमत, सोने की शुद्धता, जीएसटी, मेकिंग चार्ज और बेचने के समय मिलने वाली कीमत पर निर्भर करेगा। खासतौर पर आभूषणों में मेकिंग चार्ज और अन्य लागतों के कारण वास्तविक रिटर्न कम हो सकता है।

सोने के निवेश की तुलना फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य निश्चित आय वाले विकल्पों से भी की जा सकती है। कुछ परिस्थितियों में ये विकल्प सोने के बराबर या उससे बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। इनमें बाजार भाव के रोजाना उतार-चढ़ाव का जोखिम भी नहीं होता, हालांकि ब्याज दर और निवेश की शर्तों को ध्यान में रखना जरूरी है।

Dhanteras Gold Price 2026 : धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

धनतेरस पर सोना खरीदते समय केवल बाजार भाव देखकर फैसला न करें। खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।

हॉलमार्क जरूर देखें: सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करें।

22 और 24 कैरेट का अंतर समझें: आभूषणों के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है, जबकि 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है।

मेकिंग चार्ज की तुलना करें: अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है।

अंतिम बिल देखें: सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और लागू जीएसटी का पूरा विवरण बिल में जरूर लें।

निवेश और आभूषण में अंतर समझें: आभूषण खरीदने की लागत और निवेश के लिए खरीदे गए सोने का वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता है।

Dhanteras Gold Price 2026 : आगे किस दिशा में जा सकती हैं सोने की कीमतें?

फिलहाल केंद्रीय बैंकों और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। हालांकि, आगे सोने का रुख काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, महंगाई के आंकड़ों, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। धनतेरस के मौके पर खरीदारी करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि सोने की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद यह पिछले साल से महंगा है। ऐसे में खरीदारी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार करना बेहतर होगा। सोने को केवल पिछले साल के मुकाबले महंगा या सस्ता देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।

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