BHU Student Union Election: छात्रसंघ बहाली के लिए खून से लिखा पत्र, PMO से लगाई गुहार

BHU Student Union Election: बीएचयू में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर सातवें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। छात्र अमन यादव ने खून से कुलपति और पीएमओ के नाम पत्र लिखकर जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की।

BHU Student Union Election: BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, सातवें दिन छात्र ने खून से लिखा पत्र; कुलपति और PMO से लगाई गुहार

BHU Student Union Election: वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के सातवें दिन सोमवार को छात्रों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अनूठा तरीका अपनाया। धरने पर बैठे छात्र अमन यादव ने अपने खून से कुलपति और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल कराने की मांग की। रक्त से लिखे इस पत्र के माध्यम से उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और केंद्र सरकार का ध्यान विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

BHU Student Union Election:तीन दशक से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने पर उठाए सवाल

छात्र अमन यादव ने कहा कि बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में करीब तीन दशकों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होना गंभीर विषय है। लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ किसी भी विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रहित से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी ढंग से विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाते हैं। छात्रसंघ की अनुपस्थिति में विद्यार्थियों की सामूहिक आवाज को उचित मंच नहीं मिल पाता है।

अमन यादव ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के संबंध में जल्द निर्णय ले और चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

BHU Student Union Election:सात दिनों से जारी धरना छात्रों की एकजुट आवाज: शिवांश सिंह

आंदोलन में शामिल छात्रनेता शिवांश सिंह ने कहा कि छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना विद्यार्थियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रक्त-पत्र लिखने का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन और केंद्र सरकार तक विद्यार्थियों की भावनाओं और मांगों को गंभीरता से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि छात्रों की ओर से कुलपति और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग की गई है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक और ठोस निर्णय लेना चाहिए।

BHU Student Union Election: सभी छात्र संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील

धरने पर बैठे छात्रों ने बीएचयू के सभी विद्यार्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर छात्रसंघ बहाली के आंदोलन में एकजुट होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्रसंघ की बहाली किसी एक छात्र संगठन या व्यक्ति का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों से जुड़ा सवाल है। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी समस्याओं और विचारों को प्रतिनिधित्व देने वाला निर्वाचित मंच मिलना चाहिए। छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलता है, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और लोकतांत्रिक संस्कृति को मजबूत करता है।

BHU Student Union Election: छात्रसंघ बहाली तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना

आंदोलनरत छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक बीएचयू में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही। फिलहाल छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का आंदोलन जारी है। सातवें दिन रक्त-पत्र लिखकर विरोध जताए जाने के बाद इस मुद्दे ने एक बार फिर विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज कर दी है। अब आंदोलनरत छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल और ठोस निर्णय का इंतजार है।

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