NGOs Role in Developed India :  विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में NGOs की भूमिका अहम : अशोक चौरसिया

NGOs Role in Developed India :  विकसित भारत के निर्माण में NGOs की भूमिका अहम है। वाराणसी के सामाजिक शक्ति समागम में अशोक चौरसिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण में NGOs के योगदान पर जोर दिया।

NGOs Role in Developed India :  विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में NGOs की भूमिका अहम : अशोक चौरसिया

NGOs Role in Developed India :  सामाजिक शक्ति समागम में बोले भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष—सरकार और जनता के बीच मजबूत सेतु का काम कर रहे गैर सरकारी संगठन

NGOs Role in Developed India :  वाराणसी, 8 सितंबर। विकसित भारत के निर्माण में गैर सरकारी संगठनों (NGOs) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को धरातल पर उतारने में गैर सरकारी संगठन प्रभावी भागीदारी निभा सकते हैं। NGOs सरकार और आम जनता के बीच मजबूत सेतु के रूप में काम करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसकी वास्तविक जरूरतों एवं समस्याओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

NGOs Role in Developed India :  नारिया स्थित गणेश वर्णी संस्था में दिवि वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित सामाजिक शक्ति समागम गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अशोक चौरसिया ने विकसित भारत के निर्माण में NGOs की भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। NGOs जमीनी स्तर पर लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करते हैं।

NGOs Role in Developed India :  अशोक चौरसिया ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में गैर सरकारी संगठन लगातार महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों और समाज के उन वर्गों तक भी इन संस्थाओं की पहुंच है, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी अथवा उनका लाभ अपेक्षाकृत कम पहुंच पाता है। ऐसे में NGOs सरकारी प्रयासों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने में सहयोगी की भूमिका निभा सकते हैं।

NGOs Role in Developed India :  शिक्षा और कौशल विकास से आत्मनिर्भरता पर जोर

भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास किसी भी देश की प्रगति की आधारशिला हैं। NGOs वंचित और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है और देश के मानव संसाधन को मजबूत आधार मिलता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी और समावेशी विकास भी आवश्यक है। इसलिए गैर सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को नई गति दे सकती है।

NGOs Role in Developed India : महिला सशक्तीकरण में NGOs की महत्वपूर्ण भूमिका

अशोक चौरसिया ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़ने का काम भी विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाओं को सरकारी योजनाओं, उनके अधिकारों और स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करने से उनमें आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में NGOs के प्रयास विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने में सहायक हैं।

उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठन केवल जरूरतमंदों की मदद करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज की वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने लाने का भी कार्य करते हैं। इससे सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है तथा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है।

NGOs Role in Developed India :  सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मददगार : डॉ. उत्तम ओझा

गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं भाजपा काशी क्षेत्र कार्यसमिति के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि सरकारी नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में गैर सरकारी संगठन महत्वपूर्ण मददगार साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि NGOs समाज के विभिन्न वर्गों के बीच लगातार काम करते हैं। जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने के कारण उन्हें लोगों की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों की जानकारी होती है। ऐसे संगठन इन समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

NGOs Role in Developed India :  डॉ. उत्तम ओझा ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी NGOs के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और सतत ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ गैर सरकारी संगठन लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने, जरूरतमंदों की सहायता करने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में NGOs की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे संगठनों के सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

NGOs Role in Developed India : सामाजिक समस्याओं की जमीनी हकीकत सरकार तक पहुंचाने में भूमिका

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों की सबसे बड़ी ताकत उनकी जमीनी पहुंच है। NGOs विभिन्न समुदायों के बीच रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को करीब से समझते हैं। इससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जरूरी फीडबैक उपलब्ध हो सकता है।

NGOs Role in Developed India :  कई NGOs ने की सहभागिता

सामाजिक शक्ति समागम में वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों में सक्रिय कई गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें भगवान दास फाउंडेशन, जय हो फाउंडेशन, काशियाना फाउंडेशन, अनुशीला फाउंडेशन, रोटी बैंक, मालवीय हेल्पिंग हैंड्स, मालवीय सेवा संस्थान ट्रस्ट और अनमोल सेवा संस्थान सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

कार्यक्रम में विकसित भारत के निर्माण में NGOs की भूमिका, कमजोर एवं वंचित वर्गों तक पहुंच, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उपस्थित प्रतिनिधियों ने सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।

NGOs Role in Developed India :  कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित राय, क्षेत्र महामंत्री अनूप जायसवाल, भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. उत्तम ओझा, प्रो. जगदीश राय, प्रो. के.के. सिंह, दयाशंकर मिश्रा, बीरभद्र सिंह, सुमित अंकुर सिंह, आशीष गुप्ता और शैलेंद्र मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन दिवि वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से किया गया।

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