BHU PhD Admission 2026 : BHU ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब साल में दो बार दाखिले होंगे, स्क्रीनिंग टेस्ट लागू किया जाएगा और आरक्षण व मेरिट सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।

BHU PhD Admission 2026 : BHU में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, अब साल में दो बार होंगे दाखिले
BHU PhD Admission 2026 : वाराणसी। Banaras Hindu University की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक बुधवार को कुलपति Ajit Kumar Chaturvedi की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शोध प्रवेश प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अब पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। इस फैसले से शोध में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलेंगे और प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
BHU PhD Admission 2026 : अब इंटरव्यू से पहले होगा स्क्रीनिंग टेस्ट

बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब विश्वविद्यालय के सभी विभागों को आवश्यकता पड़ने पर इंटरव्यू से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित करने की स्वतंत्रता दी जाएगी। अभी तक सभी पात्र अभ्यर्थियों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्क्रीनिंग टेस्ट में चयनित उम्मीदवारों को ही इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनेगी। स्क्रीनिंग टेस्ट के प्रारूप, मूल्यांकन प्रणाली और अन्य प्रक्रियात्मक पहलुओं को तय करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी, जिसे विद्वत परिषद की मंजूरी मिल चुकी है।
BHU PhD Admission 2026 : मुख्य और संबद्ध विषयों की बनेगी संयुक्त मेरिट

पीएचडी प्रवेश में एक और बड़ा बदलाव करते हुए विश्वविद्यालय ने मुख्य विषय और संबद्ध विषयों के लिए अलग-अलग मेरिट सूची की व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब दोनों को मिलाकर एक समेकित मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को सरल बनाना और अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति को समाप्त करना बताया जा रहा है। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
BHU PhD Admission 2026 : आरक्षण व्यवस्था को भी बनाया गया अधिक पारदर्शी
विद्वत परिषद की बैठक में आरक्षण प्रणाली को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। अब आरक्षित सीटों की गणना विभाग की कुल सीटों के आधार पर की जाएगी। साथ ही सभी श्रेणियों की सीटों की जानकारी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सार्वजनिक कर दी जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थियों का चयन और सीट आवंटन उनकी श्रेणी के अनुसार किया जाएगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि इससे सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर सुनिश्चित किया जा सकेगा और किसी प्रकार के भेदभाव की संभावना कम होगी।
BHU PhD Admission 2026 : छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी। कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शोध प्रवेश प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि शैक्षणिक कैलेंडर को मजबूती मिल सके और शोध कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हो।