Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार, डेढ़ लाख रुद्राक्ष से सजेगा दरबार

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : सावन के अंतिम सोमवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का विशेष रुद्राक्ष श्रृंगार होगा। करीब डेढ़ लाख रुद्राक्ष से बाबा का दरबार सजेगा। छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार, डेढ़ लाख रुद्राक्ष से सजेगा दरबार

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : वाराणसी। सावन के अंतिम सोमवार पर धर्मनगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दिव्य रुद्राक्ष स्वरूप के दर्शन होंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का विशेष रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। करीब डेढ़ लाख रुद्राक्ष दानों से ज्योतिर्लिंग और शिव-शक्ति की चल प्रतिमा को सजाया जाएगा। इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : रुद्राक्ष श्रृंगार के बाद बाबा विश्वनाथ की विशेष आरती होगी। इसके पश्चात करीब दो घंटे तक श्रद्धालुओं को बाबा के इस विशेष स्वरूप की झांकी के दर्शन कराए जाएंगे। सावन के अंतिम सोमवार को मंदिर में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

सावन के अंतिम सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को औसतन करीब 5.50 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के मुताबिक सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं को करीब 25 से 30 मिनट में दर्शन मिल रहे हैं। अंतिम सोमवार को भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रवेश, निकास, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया है।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : आठ से 10 घंटे में तैयार होगा रुद्राक्ष श्रृंगार

बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार तैयार करना आसान नहीं है। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, इसे सभी विशेष श्रृंगारों में सबसे कठिन और आकर्षक श्रृंगारों में माना जाता है। करीब डेढ़ लाख रुद्राक्ष दानों का इस्तेमाल कर बाबा के दिव्य स्वरूप को सजाया जाएगा। चल प्रतिमा को रुद्राक्ष से सजाने में करीब आठ से 10 घंटे का समय लगेगा। श्रृंगार की प्रक्रिया सोमवार दिन में शुरू होगी और शाम तक प्रतिमा को पूरी तरह रुद्राक्ष से सजा दिया जाएगा। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह में ले जाया जाएगा, जहां श्रद्धालु बाबा के विशेष स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : छह गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है। गंगा द्वार से श्रद्धालुओं का आवागमन नहीं होगा। अन्य निर्धारित प्रवेश मार्गों से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।

मैदागिन, दशाश्वमेध घाट, चौक, गोदौलिया, बांसफाटक गेट नंबर-4, काशी द्वार 4बी, नंदूफेरिया, सिल्को गली और सरस्वती फाटक की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक नो-व्हीकल जोन रहेगा।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए गोल्फ कार्ट

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निशुल्क गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और आसपास तीन चिकित्सा सहायता केंद्र बनाए गए हैं। आपात स्थिति में निशुल्क एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बहुभाषी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा खोया-पाया केंद्र बनाया गया है। भीड़ को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए सात स्थानों पर एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, ड्रोन से निगरानी

अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। कांवड़ मार्ग पर लगातार पेट्रोलिंग के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : रविवार रात से लगने लगी श्रद्धालुओं की कतार

बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार रविवार रात से ही लगनी शुरू हो गई। रविवार शाम से ही काशी के गंगा घाटों और विभिन्न शिविरों में कांवड़ियों तथा श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। सोमवार भोर में श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पूरे सावन के दौरान करीब 80 लाख श्रद्धालुओं के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने का अनुमान है।

Baba Vishwanath Rudraksha Shringar : 27 अगस्त को बाबा का झूला श्रृंगार

सावन के अंतिम सोमवार को होने वाले रुद्राक्ष श्रृंगार के बाद बाबा विश्वनाथ का अगला विशेष श्रृंगार 27 अगस्त को होगा। इस दिन बाबा का झूला श्रृंगार किया जाएगा।

सावन के दौरान बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं। रुद्राक्ष श्रृंगार के अवसर पर काशी में धार्मिक उत्साह और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिलेगा।

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