Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन पर ब्राह्मण समाज को साधने का बड़ा संकेत दिया। सपा-बीजेपी पर हमला, गठबंधन पर साफ स्टैंड और BSP की नई चुनावी रणनीति पढ़ें पूरी खबर।
Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन को राजनीतिक संदेश देने का मंच बनाते हुए एक बार फिर ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश की है। सपा और बीजेपी के बाद अब बसपा भी खुले तौर पर ब्राह्मण वोट बैंक पर फोकस करती नजर आ रही है। मायावती ने अपने जन्मदिन को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी सरकार में शुरू की गई योजनाओं से समाज के हर वर्ग को लाभ मिला था और आगे भी बसपा सरकार बनने पर सभी वर्गों को समान भागीदारी दी जाएगी।

Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : ब्राह्मण समाज को लेकर मायावती का स्पष्ट संदेश
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ब्राह्मण समाज को बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान और उचित भागीदारी दी है। मायावती ने कहा कि ब्राह्मण समाज को किसी का बाटी-चोखा नहीं चाहिए। बसपा सरकार बनने पर उनकी सभी जायज अपेक्षाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बसपा की सरकार में क्षत्रिय, ब्राह्मण, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया था।
Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : सपा पर तीखा हमला, बीजेपी पर भी निशाना
मायावती ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सपा के शासन में माफिया और गुंडों का राज रहा है और दलित समाज पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 जून को सपा के गुंडों और बदमाशों ने मुझ पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसे कोई नकार नहीं सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि सपा के शासन में मुस्लिम समाज भी खुद को उपेक्षित महसूस करता रहा, जिसे उन्होंने सपा के PDA मॉडल की सच्चाई बताया। बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि आज जो एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट बन रहे हैं, उनकी नींव बसपा सरकार के दौरान ही रखी गई थी। दलित और अन्य उपेक्षित वर्ग मौजूदा बीजेपी सरकार से परेशान हैं।

Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : गठबंधन पर मायावती का साफ स्टैंड
गठबंधन को लेकर मायावती ने पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव BSP अकेले लड़ेगी। गठबंधन से दूसरों को फायदा होता है, बसपा को नहीं। अगर भविष्य में कोई पार्टी अपर कास्ट वोट ट्रांसफर की गारंटी देती है, तभी गठबंधन पर विचार होगा। उन्होंने ईवीएम और एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर भी चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा।

Mayawati Birthday BSP Brahmin Politics : धार्मिक स्थलों पर भी दिया भरोसा
मायावती ने कहा कि बसपा सरकार के दौरान मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसे किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं होने दिया गया और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।