MGKVP Diwali Utsav 2026 : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग में दो दिवसीय दीपावली उत्सव 2026 का समापन हुआ। दूसरे दिन विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों, लोकगीत, गजल, भजन और देशभक्ति गीतों से समां बांधा। रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
MGKVP Diwali Utsav 2026 : काशी विद्यापीठ में दो दिवसीय दीपावली उत्सव का समापन, विद्यार्थियों ने नाटक और संगीत से बांधा समां
MGKVP Diwali Utsav 2026 : शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने में संगीत एवं नाटक की अहम भूमिका : प्रो. अमिता सिंह
MGKVP Diwali Utsav 2026 : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘दीपावली उत्सव 2026’ का गुरुवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। उत्सव के दूसरे और अंतिम दिन विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक, शैक्षिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही संगीत कार्यक्रम में लोकगीत, गजल, भजन और देशभक्ति गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
MGKVP Diwali Utsav 2026 : कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में संगीत एवं नाटक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत और नाटक शिक्षण के प्रभावशाली माध्यम हैं। इनके उपयोग से कक्षा शिक्षण को अधिक रचनात्मक, रोचक, संवादात्मक और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा उनकी अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने में सांस्कृतिक गतिविधियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकान्त सिंह ने भावी शिक्षकों के व्यावसायिक जीवन में नाटक, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक अभिव्यक्ति, नाट्य गतिविधियां और कलात्मक कौशल न केवल कक्षा शिक्षण को समृद्ध बनाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भावी शिक्षकों को शिक्षण के पारंपरिक तरीकों के साथ कला एवं संस्कृति आधारित गतिविधियों को भी अपनाना चाहिए।
MGKVP Diwali Utsav 2026 : नाटकों के जरिए दिया सामाजिक और शैक्षिक संदेश
उत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने ‘रावण हमारे अंदर’, ‘शिक्षा का दीप’, ‘एक दिया देश के नाम’ तथा ‘दीपावली : तब और अब’ जैसे विषयों पर विचारोत्तेजक नाट्य प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आत्मचिंतन, शिक्षा के महत्व, राष्ट्रीय चेतना और बदलते सामाजिक परिवेश जैसे विषयों को मंच पर जीवंत किया। नाटकों के जरिए विद्यार्थियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि दीपावली केवल बाहरी रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को दूर कर ज्ञान, सद्भाव और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का अवसर भी है।
MGKVP Diwali Utsav 2026 : लोकगीत, गजल और देशभक्ति गीतों ने बांधा समां
संगीत कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने लोकगीत, गजल, भजन, राष्ट्रगीत एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। विविध संगीत विधाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। विद्यार्थियों की प्रतिभा और प्रस्तुतिकरण को उपस्थित लोगों ने सराहा।.इस अवसर पर दीपावली उत्सव के प्रथम दिन आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के विजेता समूहों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अभिलाषा जायसवाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पवन कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. राखी देब, डॉ. वीणा वादिनि अर्याल, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. विनय सिंह सहित विभाग के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।