Nepal Flood: नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही। करीब 100 मकान बहने की आशंका, कई पुल क्षतिग्रस्त और जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को नुकसान। हेलिकॉप्टर से राहत एवं बचाव अभियान जारी।
Nepal Flood: नेपाल में फिर बाढ़ का कहर, गोरखा में 100 मकान बहने की आशंका; पुल और हाइड्रोपावर बेस कैंप को भारी नुकसान
Nepal Flood: नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने करीब 100 मकानों के बहने की आशंका जताई है। कई पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
Nepal Flood: नेपाल के गोरखा में सुबह 4 बजे आई बाढ़, कई गांवों में तबाही
काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। गोरखा जिले में रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। नदी का जलप्रवाह तेज होने के साथ मिट्टी, पत्थर और बड़े-बड़े पेड़ बहकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गए। इससे मकानों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
Nepal Flood: गोरखा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र के अनुसार, बाढ़ रविवार तड़के करीब चार बजे आई। इसके बाद दोभान, घट्टेखोला, जगत, सल्लेरी, चुमानुबरी और धार्चे ग्रामीण नगरपालिकाओं के कई क्षेत्रों में नुकसान की सूचना मिली। प्रशासन के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में करीब 100 मकान बाढ़ में बह गए हो सकते हैं। हालांकि, नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है। फिलहाल, मकानों के नुकसान और संभावित जनहानि के संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में हालात का जायजा लेने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
Nepal Flood: चुमानुबरी-न्याकचेत मार्ग का पुल बहा, आवागमन प्रभावित
बाढ़ के तेज बहाव में चुमानुबरी से न्याकचेत-सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुल बह गया। इसके अलावा, छोटे-बड़े करीब आधा दर्जन पुलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। पुलों के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित गांवों तक पहुंचने और राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी आने की आशंका है।
स्थानीय संपर्क मार्गों और पुलों को नुकसान पहुंचने के कारण प्रशासन के सामने प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है। बाढ़ के साथ बहकर आए मलबे और पेड़ों ने भी आसपास के क्षेत्रों में नुकसान बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है।
Nepal Flood: निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को भारी नुकसान
गोरखा जिले के सल्लेरी क्षेत्र में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को भी बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा है। तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने बेस कैंप के कुछ हिस्सों को प्रभावित किया है। हालांकि, परियोजना को हुए कुल नुकसान का आकलन अभी सामने नहीं आया है।
बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से नदी किनारे स्थित अन्य निर्माण स्थलों और बुनियादी ढांचों पर भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहा है।
Nepal Flood: गृह मंत्री के निर्देश पर हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किया गया है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में हेलिकॉप्टर की मदद से बचाव कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन के सामने फिलहाल तीन प्रमुख चुनौतियां हैं—प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करना और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री तथा आवश्यक सहायता पहुंचाना।
Nepal Flood: बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रविवार, 11 अक्टूबर को बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की। प्राधिकरण के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी।
Nepal Flood: चेतावनी में चुमानुबरी ग्रामीण नगरपालिका-6 से लेकर त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बरतने को कहा गया। लोगों से अपील की गई कि वे जलस्तर सामान्य होने तक ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा नदी किनारे के जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें। अचानक बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
Nepal Flood: नेपाल में पहले भी बाढ़ और भूस्खलन से मची थी तबाही
नेपाल के कई जिले पहले भी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से प्रभावित हो चुके हैं। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई थीं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई जिले प्रभावित हुए थे। नेपाल की भौगोलिक परिस्थितियों और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ने वाले जलप्रवाह के कारण बाढ़ का खतरा गंभीर हो जाता है। नदी में मलबा, पत्थर और पेड़ बहकर आने से नुकसान की आशंका और बढ़ जाती है। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी की ताजा बाढ़ के बाद प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। फिलहाल, करीब 100 मकानों के बहने की आशंका जताई गई है, जबकि कई पुलों और जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का अंतिम आकलन और संभावित जनहानि के आंकड़े सामने आने का इंतजार है।