BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : बीएचयू में हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। विद्यार्थियों के लिए ई-साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सेवा, छात्राओं व दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट और ई-बसों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : BHU में बदलेगा सफर का अंदाज, ई-साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सेवा की तैयारी; छात्राओं के लिए चलेंगी गोल्फ कार्ट
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विशाल परिसर में आने वाले दिनों में विद्यार्थियों के आवागमन का तरीका बदलने की तैयारी है। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए एप आधारित ई-साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सेवा शुरू करने की योजना है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : यह पहल वाराणसी स्मार्ट सिटी के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत परिसर में सात स्थानों पर ई-साइकिल स्टैंड और चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट सेवा शुरू करने तथा परिसर में संचालित ई-बसों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी है। नई परिवहन सुविधाएं अगले माह के मध्य तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : एक स्टैंड से ई-साइकिल लेकर दूसरे स्टैंड पर छोड़ सकेंगे
प्रस्तावित ई-साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सेवा का संचालन मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। विद्यार्थी अपने नजदीकी स्टैंड से ई-साइकिल या ई-बाइक ले सकेंगे और परिसर में अपने गंतव्य तक पहुंचने के बाद निर्धारित किसी अन्य स्टैंड पर वाहन छोड़ सकेंगे। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी बाइक या स्कूटी के बिना भी परिसर के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रस्तावित योजना में वाहन के इस्तेमाल की अवधि या तय दूरी के आधार पर शुल्क लेने की व्यवस्था है।
ई-साइकिल और ई-बाइक का किराया करीब 50 से 60 रुपये प्रति घंटे प्रस्तावित है। भुगतान डिजिटल माध्यम से क्यूआर कोड के जरिए किया जा सकेगा। हालांकि अंतिम किराया और संचालन की शर्तें सेवा शुरू होने के समय स्पष्ट की जाएंगी।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : GPS से जुड़ी होंगी ई-बाइक, परिसर से बाहर जाने पर ऑटो लॉक की योजना
ई-बाइक को जीपीएस तकनीक से जोड़े जाने की योजना है। इसके जरिए वाहनों की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार निर्धारित समय पूरा होने या वाहन के विश्वविद्यालय परिसर की सीमा से बाहर जाने की स्थिति में उसे स्वत: बंद करने की सुविधा भी विकसित की जा सकती है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : इससे साझा परिवहन सेवा में वाहनों की निगरानी और संचालन को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लंबी दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
बीएचयू का परिसर काफी विस्तृत है। विद्यार्थियों को लाइब्रेरी, केंद्रीय कार्यालय, विभिन्न संकायों, विभागों और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने के लिए कई बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : मुख्य प्राक्टर संदीप पोखरियाल के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर के आकार को देखते हुए सभी विद्यार्थियों के पास अपनी बाइक या स्कूटी होना संभव नहीं है। ऐसे में ई-साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सेवा विद्यार्थियों को कम लागत में सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकती है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चार गोल्फ कार्ट
बीएचयू में छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार गोल्फ कार्ट चलाने की भी तैयारी है। पहले चरण में इन गोल्फ कार्ट को प्रमुख स्थानों के बीच संचालित करने की योजना है। प्रस्तावित रूट में महिला महाविद्यालय से बालिका छात्रावासों तक गोल्फ कार्ट सेवा शामिल है। इसके अलावा महिला महाविद्यालय, हैदराबाद गेट, सीर गोवर्धन गेट, मुख्य गेट, नरिया गेट और सर सुंदरलाल अस्पताल जैसे प्रमुख स्थानों को भी इससे जोड़ने की योजना है। एक गोल्फ कार्ट में 10 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य द्वार से गोल्फ कार्ट सेवा उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : ई-बसों की संख्या भी बढ़ाने की योजना
बीएचयू परिसर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ई-बसों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी है। नगर निगम के साथ एमओयू के बाद फिलहाल परिसर में दो ई-बसें संचालित हो रही हैं। विश्वविद्यालय की ओर से स्वयं भी ई-बसें खरीदने की योजना बनाई जा रही है। इससे परिसर के भीतर विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे। साथ ही पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : हरित परिवहन से कम होगा प्रदूषण
बीएचयू में ई-साइकिल, ई-बाइक, गोल्फ कार्ट और ई-बस जैसी सुविधाओं का विस्तार केवल आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य परिसर में स्वच्छ, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करना भी है। यदि प्रस्तावित योजनाएं निर्धारित समय के अनुसार लागू होती हैं, तो बीएचयू परिसर में निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही परिसर में कार्बन उत्सर्जन और वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी इसका योगदान हो सकता है।
BHU E-Cycle E-Bike Sharing Service : इस नई परिवहन व्यवस्था से खास तौर पर उन विद्यार्थियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें रोजाना परिसर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन करना पड़ता है। आने वाले समय में ई-मोबिलिटी का यह मॉडल बीएचयू के विशाल परिसर में सार्वजनिक और साझा परिवहन व्यवस्था को नया स्वरूप दे सकता है।