Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है। 384 यात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया, जिनमें 105 भारतीय और 37 एनआरआई शामिल हैं। बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है।
Nepal Flash Flood: नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही: 384 लोग लापता, 105 भारतीयों का भी पता नहीं; बिहार में अलर्ट
Nepal Flash Flood: काठमांडू/पटना, 26 अगस्त 2026। नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने स्याफ्रुबेसी, तिमुरे और आसपास के इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों, पुलिस चौकियों, सीमा शुल्क क्षेत्र और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद 384 पर्यटकों और यात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय और 37 एनआरआई बताए गए हैं।
Nepal Flash Flood: तेज बहाव में बह गए घर, वाहन और पुल
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में दिखाई दिया। नदी के तेज बहाव ने कई बस्तियों और निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्रभावित किया। रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण कई इलाकों का संपर्क बाधित हो गया है। पिछले साल की बाढ़ के बाद बनाया गया फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ की चपेट में आने की खबर है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में जाने वाले कई पर्यटक और तीर्थयात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे थे। इनमें बड़ी संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जा रहे थे।
Nepal Flash Flood: मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े
बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी रहने के बीच मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं। शुरुआती रिपोर्टों में चार से आठ मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ और उससे अधिक बताए जाने की जानकारी सामने आई। ऐसे में मृतकों का अंतिम आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि कई प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क टूटने और मलबा जमा होने के कारण नुकसान और जनहानि का वास्तविक आकलन करने में समय लग रहा है।
Nepal Flash Flood: फ्लैश फ्लड की वजह क्या रही?
बाढ़ के अचानक आने को लेकर जांच जारी है। शुरुआती वैज्ञानिक आकलनों में बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने (ice-rock avalanche) की संभावना सामने आई है। इससे नदी का प्रवाह अचानक बाधित हुआ और उसके बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया। कुछ रिपोर्टों में भूकंपीय गतिविधि की संभावित भूमिका की भी जांच किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, आपदा के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
Nepal Flash Flood: जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान
बाढ़ से नेपाल के ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ा है। रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार कम से कम एक दर्जन परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इससे नेपाल की बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
Nepal Flash Flood: नेपाल सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा
बाढ़ के बाद नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। कई पुलिसकर्मी भी लापता बताए गए हैं। राहत दल मलबे और नदी के किनारे संभावित स्थानों पर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
Nepal Flash Flood: भारत के 105 नागरिक लापता
इस आपदा में भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 105 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई उन लोगों में शामिल हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकांश भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते तिब्बत की ओर जा रहे थे। भारत सरकार की ओर से प्रभावित भारतीयों के परिवारों की सहायता के लिए संपर्क व्यवस्था सक्रिय की गई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी आपात सहायता के लिए 1234 टोल-फ्री नंबर और 1144 हेल्पलाइन जारी की है।
Nepal Flash Flood: बिहार में भी अलर्ट, नदियों के जलस्तर पर नजर
नेपाल में आई इस अचानक बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर बिहार, में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल से भारत की ओर आने वाली नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल के पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ का असर नीचे की ओर बहने वाली नदियों के जरिए भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। इसलिए बिहार में प्रशासन को लगातार स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
Nepal Flash Flood: राहत कार्य जारी, बढ़ सकती है संख्या
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है। अधिकारियों को आशंका है कि जैसे-जैसे मलबा हटेगा और दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क स्थापित होगा, मृतकों और लापता लोगों की संख्या के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता 384 यात्रियों का पता लगाना और प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना है। भारत और नेपाल दोनों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।