Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : काशी विद्यापीठ में ‘दार्शनिकी’ शोध-पत्रिका का विमोचन, कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने की सराहना

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग की शोध-पत्रिका ‘दार्शनिकी’ के नवीन अंक का कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विमोचन किया।

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : काशी विद्यापीठ में ‘दार्शनिकी’ शोध-पत्रिका के नवीन अंक का विमोचन, कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने अकादमिक शोध को बताया ज्ञान-विमर्श का आधार

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग की वार्षिक शोध-पत्रिका ‘दार्शनिकी’ के नवीन अंक का शनिवार को कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विमोचन किया। इस अवसर पर कुलपति ने विभाग की ओर से शोध, प्रकाशन और अकादमिक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि विश्वविद्यालयों से प्रकाशित होने वाली शोध-पत्रिकाएं उच्च शिक्षा और अकादमिक जगत में गंभीर विमर्श को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसी पत्रिकाओं के माध्यम से शोधार्थियों, शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को अपने शोध एवं विचार साझा करने का मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि शोध-पत्रिकाएं शोध-परंपरा, ज्ञान के आदान-प्रदान और नए अकादमिक विमर्श को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग को शोध एवं प्रकाशन के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘दार्शनिकी’ के माध्यम से दर्शन और योग के क्षेत्र में हो रहे नए शोध एवं चिंतन को व्यापक अकादमिक मंच मिलता रहेगा।

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : पियर रिव्यूड एवं रेफरीड शोध-पत्रिका है ‘दार्शनिकी’

विभागाध्यक्ष एवं मुख्य संपादक प्रो. नन्दिनी सिंह ने बताया कि ‘दार्शनिकी’ एक पियर रिव्यूड एवं रेफरीड शोध-पत्रिका है। यह पत्रिका पूर्व में यूजीसी-केयर सूची में सम्मिलित रही है, जो इसके अकादमिक एवं शोधपरक महत्व को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पत्रिका में दर्शन एवं योग के विभिन्न आयामों से जुड़े समकालीन, दार्शनिक, सांस्कृतिक और शोधपरक विषयों पर विद्वानों तथा शोध छात्र-छात्राओं के शोध-लेख प्रकाशित किए जाते हैं। पत्रिका का नवीन अंक भी दर्शन एवं योग के क्षेत्र में विकसित हो रहे नवीन विमर्शों और शोध-चिंतन को समाहित करता है।

Kashi Vidyapeeth Darshaniki Research Journal : शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी अकादमिक सामग्री

प्रो. नन्दिनी सिंह ने कहा कि ‘दार्शनिकी’ में प्रकाशित शोध-सामग्री शोधार्थियों, शिक्षकों और दर्शन के अध्येताओं के लिए उपयोगी अकादमिक सामग्री उपलब्ध कराती है। पत्रिका के माध्यम से दर्शन और योग जैसे विषयों पर हो रहे नए शोध, वैचारिक बहस और समकालीन चिंतन को एक स्थान पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।

विमोचन कार्यक्रम में मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, चिकित्सा विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. पिताम्बर दास, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, डॉ. गणेश जायसवाल, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. चन्द्रमणि, डॉ. प्रियंका कुमारी, शाम्भवी सहित अन्य शिक्षक एवं अकादमिक सदस्य उपस्थित रहे।

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