JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : श्री जे.एम. गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में ‘संस्कृति मण्डपम्’ का लोकार्पण

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : वाराणसी के श्री जे.एम. गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में 6000 वर्गफुट के अत्याधुनिक ‘संस्कृति मण्डपम्’ का भव्य लोकार्पण हुआ। बालव्यास श्रीकांत शर्मा ने आशीर्वचन दिए।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : श्री जे.एम. गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में ‘संस्कृति मण्डपम्’ का भव्य लोकार्पण, बालव्यास श्रीकांत शर्मा ने दिया आशीर्वचन

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : वाराणसी, 16 अगस्त 2026। भगवान श्रीसिद्धेश्वर महादेव की पावन सन्निधि में स्थित एवं वर्ष 1926 में स्थापित श्री जे.एम. गोयनका संस्कृत महाविद्यालय, श्रीसिद्धेश्वर महादेव परिसर, अस्सी-भदैनी, काशी में रविवार को 6000 वर्गफुट के अत्याधुनिक वातानुकूलित बहुउद्देशीय ‘संस्कृति मण्डपम्’ का भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर आयोजित मंगल आशीर्वचन समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक, समाजसेवी, शिक्षाविद, संस्कृत प्रेमी एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय परिसर में अपराह्न 3 बजे किया गया। समारोह में परम पूज्य बालव्यास श्रीकांत जी शर्मा ने नव निर्मित ‘संस्कृति मण्डपम्’ का लोकार्पण किया और उपस्थित जनसमूह को आशीर्वचन प्रदान किए। इस दौरान संस्थान के मंत्री गोवर्धन लाल झवर एवं संयुक्त मंत्री गौरीशंकर नेवर ने बालव्यास श्रीकांत शर्मा का माल्यार्पण, अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : धर्म, शिक्षा और संस्कृति का बनेगा केंद्र

युवा समाजसेवी गौरव राठी ने कहा कि ‘संस्कृति मण्डपम्’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि धर्म, शिक्षा, संस्कृति और समाजसेवा का जीवंत केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इस परिसर में आयोजित होने वाले प्रत्येक शुभ कार्य में भारतीय संस्कृति की गरिमा, काशी की आध्यात्मिक परंपरा और भगवान श्रीसिद्धेश्वर महादेव के आशीर्वाद की अनुभूति होगी। उन्होंने बताया कि नव निर्मित मण्डपम् को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, ताकि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों के लिए एक बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सके।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : 6000 वर्गफुट का वातानुकूलित बहुउद्देशीय हॉल

‘संस्कृति मण्डपम्’ की प्रमुख विशेषताओं में 6000 वर्गफुट का अत्याधुनिक वातानुकूलित बहुउद्देशीय हॉल शामिल है। इसके साथ ही परिसर में करीब 15,000 वर्गफुट का विशाल एवं हरित लॉन भी उपलब्ध है। शांत, स्वच्छ और आध्यात्मिक वातावरण के साथ नगर के मध्य स्थित होने के कारण यह परिसर लोगों के लिए सुगम और सुविधाजनक रहेगा। परिसर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके चलते विभिन्न प्रकार के बड़े सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जा सकेगा।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : विवाह से लेकर धार्मिक आयोजनों तक के लिए सुविधा

गौरव राठी ने बताया कि ‘संस्कृति मण्डपम्’ में शुभ विवाह, श्रीमद्भागवत कथा, रामकथा, शिवपुराण कथा, रुद्राभिषेक, यज्ञ-हवन, सत्संग, उपनयन संस्कार, नामकरण, जन्मोत्सव, सेमिनार और सम्मान समारोह सहित विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक नगर में ऐसे परिसर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ‘संस्कृति मण्डपम्’ इस आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद

लोकार्पण समारोह में गोवर्धन लाल झवर, प्रेम प्रकाश कपूर, नवरतन राठी, संजीव शाह, उमाशंकर अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, मधु शाह, श्री राम महेश्वरी, शशि नेवर, लाला चांडक, भारती करवा, पवन कुमार अग्रवाल, आलोक राय, संतोष सारडा, संगीता सोनी, कृष्ण कुमार काबरा, संतोष अग्रवाल, राम बूबना, राजकुमार कोठारी, राकेश, राजेंद्र अग्रवाल बच्चू, भंवरलाल राठी, राजेश गट्टानी, सुशील दमानी, मनमोहन लोहिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : कार्यक्रम का संचालन उपमंत्री लोकेंद्र करवा ने किया। अतिथियों का स्वागत संयुक्त मंत्री गौरीशंकर नेवर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अनिल झवर ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों एवं धर्मप्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। उपस्थित लोगों ने ‘संस्कृति मण्डपम्’ को काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

JM Goenka Sanskrit Mahavidyalaya : काशी की आध्यात्मिक धरती पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस नए परिसर के लोकार्पण के साथ ही यह स्थान आने वाले समय में धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।

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