MGKVP Research Advisory Committee : शोध की गुणवत्ता विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता पर निर्भर- प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

MGKVP Research Advisory Committee : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग की शोध सलाहकार समिति की बैठक में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने शोधार्थियों को विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता और प्रासंगिक सांख्यिकीय तकनीकों के प्रयोग के निर्देश दिए।

MGKVP Research Advisory Committee : शोध की गुणवत्ता विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता पर निर्भर : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

MGKVP Research Advisory Committee : समाजशास्त्र विभाग की शोध सलाहकार समिति की बैठक में कुलपति ने शोधार्थियों को दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश, छमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा

MGKVP Research Advisory Committee : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग की शोध सलाहकार समिति की बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों के निर्देशन में पंजीकृत शोधार्थियों ने अपनी छमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में शोध कार्य की प्रगति, शोध की गुणवत्ता, आंकड़ों के चयन, उनके विश्लेषण तथा सांख्यिकीय तकनीकों के प्रभावी उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

MGKVP Research Advisory Committee : बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने शोधार्थियों को शोध कार्य में गुणवत्ता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शोध की गुणवत्ता का आधार उसकी विश्वसनीयता और वस्तुनिष्ठता पर निर्भर करता है। शोधार्थियों को अपने शोध कार्य को इन दोनों महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखकर पूरा करना चाहिए, ताकि उनका शोध केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित न रहे, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी उपयोगी साबित हो।

MGKVP Research Advisory Committee : कुलपति ने शोधार्थियों से कहा कि शोध कार्य करते समय विषय की प्रासंगिकता, तथ्यों की विश्वसनीयता और निष्कर्षों की वस्तुनिष्ठता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने शोधार्थियों को अपने अध्ययन के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में उपयोगी निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

MGKVP Research Advisory Committee : आंकड़ों का चयन और विश्लेषण महत्वपूर्ण

समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने शोध कार्य में आंकड़ों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी शोध में आंकड़ों का चयन, उनका विश्लेषण और उपयुक्त सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग विशेष महत्व रखता है। शोधार्थियों को अपने शोध विषय और उपलब्ध आंकड़ों के अनुरूप प्रासंगिक सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शोध के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शोधार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे आधुनिक एवं प्रासंगिक सांख्यिकीय तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और उनका उचित प्रयोग अपने शोध कार्य में करें। इससे शोध की गुणवत्ता, प्रमाणिकता और उपयोगिता को बेहतर बनाया जा सकता है।

MGKVP Research Advisory Committee : शोधार्थियों ने प्रस्तुत की छमाही प्रगति रिपोर्ट

शोध सलाहकार समिति की बैठक के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों से संबद्ध शोधार्थियों ने अपने-अपने शोध कार्य की अब तक की प्रगति समिति के समक्ष प्रस्तुत की। शोधार्थियों ने शोध विषय, शोध की वर्तमान स्थिति, एकत्र किए गए आंकड़ों, उनके विश्लेषण तथा अब तक प्राप्त निष्कर्षों के बारे में जानकारी दी।

MGKVP Research Advisory Committee : समिति के सदस्यों ने शोधार्थियों की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश दिए। शोध कार्य में आने वाली संभावित समस्याओं, आंकड़ों की विश्वसनीयता तथा शोध पद्धति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

MGKVP Research Advisory Committee : बैठक में प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ. सौम्या यादव, डॉ. जय प्रकाश यादव, प्रो. कुमुद सिंह, प्रो. दयाशंकर सिंह यादव, प्रो. ध्रुवभूषण सिंह, प्रो. अरुण पाण्डेय, प्रो. भावना, प्रो. आलोक कुमार कश्यप, डॉ. कमलेश कुमार सिंह, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा, डॉ. कृष्ण मोहन द्विवेदी, डॉ. पीयूष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. चन्द्रशेखर, डॉ. संजय कुमार सोनकर सहित अन्य शिक्षक एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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