Nirvasit Krantikari Book Launch : काशी में ‘निर्वासित क्रांतिकारी’ पुस्तक का विमोचन, पंडित नारायण मूर्ति के संघर्ष पर आधारित ऐतिहासिक कृति

Nirvasit Krantikari Book Launch : वाराणसी के पराड़कर स्मृति भवन में स्वतंत्रता सेनानी पंडित नारायण मूर्ति के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘निर्वासित क्रांतिकारी’ का भव्य विमोचन हुआ। लेखक डॉ. रवि शर्मा की इस पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम के एक गुमनाम सेनानी के संघर्ष, स्वाभिमान और योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

Nirvasit Krantikari Book Launch : काशी में ‘निर्वासित क्रांतिकारी’ पुस्तक का भव्य विमोचन, स्वतंत्रता सेनानी पंडित नारायण मूर्ति के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प

Nirvasit Krantikari Book Launch : वाराणसी, 12 जुलाई। स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को इतिहास में उनका उचित स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय पंडित नारायण मूर्ति के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर आधारित पुस्तक ‘निर्वासित क्रांतिकारी: पंडित नारायण मूर्ति के संघर्ष, स्वाभिमान और अधूरे सम्मान की गाथा’ का रविवार को वाराणसी में भव्य विमोचन किया गया। लेखक डॉ. रवि शर्मा द्वारा लिखित इस पुस्तक का लोकार्पण पराड़कर स्मृति भवन (पत्रकार भवन), टाउन हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में हुआ।

Nirvasit Krantikari Book Launch : कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता, सामाजिक जीवन और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों एवं नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

Nirvasit Krantikari Book Launch : गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में सम्मान दिलाने का प्रयास

समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं वाराणसी दक्षिण के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि भारत की आजादी केवल इतिहास की पुस्तकों में दर्ज कुछ नामों की देन नहीं है, बल्कि हजारों ऐसे गुमनाम क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है, जिनके योगदान को आज भी पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि पंडित नारायण मूर्ति जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे व्यक्तित्वों को सामने लाने वाली यह पुस्तक राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगी।

Nirvasit Krantikari Book Launch : काशी के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र एवं मीमांसा विभाग के प्रो. माधव जनार्दन राटाटे ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन उपेक्षित अध्यायों का दस्तावेज है, जिन्हें अब तक व्यापक पहचान नहीं मिल सकी थी। उन्होंने कहा कि काशी ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह पुस्तक उस गौरवशाली इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

Nirvasit Krantikari Book Launch : परिवार की मौजूदगी ने बनाया कार्यक्रम को भावुक

इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी पंडित नारायण मूर्ति के परिवार के सदस्य भी मंच पर उपस्थित रहे। उनकी सुपुत्री श्रीमती सरोजनी देवी तथा पुत्र श्री कृष्ण कुमार, श्री विजय कुमार और श्री सुशील कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक आयाम प्रदान किया। परिवार के सदस्यों ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके पिता के राष्ट्रसेवा और संघर्षपूर्ण जीवन की जानकारी मिलेगी।

Nirvasit Krantikari Book Launch : वर्षों के शोध का परिणाम है यह पुस्तक

लेखक डॉ. रवि शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि इस पुस्तक के लेखन के लिए उन्होंने कई वर्षों तक शोध किया। उन्होंने दुर्लभ दस्तावेजों, ऐतिहासिक अभिलेखों और पारिवारिक साक्ष्यों का गहन अध्ययन कर पंडित नारायण मूर्ति के जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक स्वतंत्रता सेनानी की जीवनी लिखना नहीं था, बल्कि उन हजारों गुमनाम क्रांतिकारियों को सम्मान दिलाना है, जिनका योगदान इतिहास के मुख्य पन्नों में पर्याप्त स्थान नहीं पा सका।

Nirvasit Krantikari Book Launch : इतिहास और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कृति

विशिष्ट अतिथि नगर निगम वाराणसी के उपसभापति नरसिंह दास सहित अन्य वक्ताओं ने भी पुस्तक की सराहना करते हुए इसे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि यह कृति इतिहास के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने पुस्तक का स्वागत करते हुए इसे काशी की ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के अनछुए पहलुओं को समझने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया।

Nirvasit Krantikari Book Launch : गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ समारोह

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन नलिन नयन मिश्रा ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह में प्रकाश कुमार, पार्षद संतोष सोलापुरकर, सुनील तिवारी, कनकलता मिश्रा, निशा जी, बबलू सेठ, तारकेश्वर गुप्ता, संतोष पाटिल, बनवारी गुप्ता, विनोद अवस्थी, विभूति मिश्रा, आर्यन पंड्या, रोशन गुजराती और ज्ञानेश्वर तोलेदार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Nirvasit Krantikari Book Launch : इस अवसर पर पुस्तक के प्रति पाठकों, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि ‘निर्वासित क्रांतिकारी’ जैसी कृतियां देश के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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