Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : काशी विद्यापीठ में विश्व जनसंख्या दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विकसित भारत 2047 के लिए जनांकिकीय चुनौतियों पर चर्चा

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग में विश्व जनसंख्या दिवस की पूर्व संध्या पर ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने जनांकिकीय चुनौतियों, जनसंख्या नीति, युवा शक्ति और आर्थिक विकास पर अपने विचार साझा किए।

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : काशी विद्यापीठ में विश्व जनसंख्या दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, ‘विकसित भारत 2047’ के लिए जनांकिकीय चुनौतियों और नीतिगत समाधानों पर मंथन

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को ‘विकसित भारत 2047: उभरती जनांकिकीय चुनौतियां एवं उनके नीतिगत समाधान’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देश की बदलती जनसांख्यिकीय संरचना, जनसंख्या से जुड़े अवसरों और चुनौतियों के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रभावी नीतियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अंकिता गुप्ता ने कहा कि भारत की विशाल जनसंख्या केवल संख्या नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार के अवसर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो देश का जनांकिकीय लाभांश वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि युवाओं की क्षमता का सही उपयोग ही देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनेगा।

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : संगोष्ठी में प्रो. पारसनाथ मौर्य ने जनसंख्या के संतुलित क्षेत्रीय वितरण और उससे जुड़ी नीतिगत चुनौतियों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समावेशी विकास के लिए संसाधनों और आबादी के संतुलन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और योजनाबद्ध विकास की दिशा में प्रभावी नीति निर्माण पर जोर दिया।

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : इस अवसर पर प्रो. राजेश पाल, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. हंसा जैन, प्रो. राकेश कुमार तिवारी, डॉ. ऊर्जस्विता सिंह एवं डॉ. पारिजात सौरभ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारत का जनांकिकीय लाभांश देश के आर्थिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण धुरी है। यदि इसे सही दिशा और अवसर मिले, तो यह भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करेगा।

सं

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : गोष्ठी में विद्यार्थियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। एम.ए. प्रशांत मिश्रा, आरती सोनकर, कल्पना, रश्मि मिश्रा, रितिका उपाध्याय, श्रेया मिश्रा, अश्विनी भारती, स्तुति अग्रवाल, सना, निकिता सिंह, ज्योति विश्वकर्मा एवं अर्पित अग्रवाल ने विषय से संबंधित अपने शोधपत्र एवं विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने जनसंख्या वृद्धि, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने सुझाव भी साझा किए।

Kashi Vidyapith World Population Day Seminar : कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गंगाधर ने किया। संगोष्ठी में आकांक्षा वर्मा, नितेश कुमार गुप्ता, प्रज्ञा सिंह, अंजय कुमार, रिफत फातमा सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के निर्माण में जनसंख्या को मानव पूंजी के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *