NEP 2020 Refresher Programme : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा आयोजित 12 दिवसीय पुनर्श्चर्या कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, व्यावहारिक शिक्षा, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार साझा किए।
NEP 2020 Refresher Programme : एनईपी-2020 का लक्ष्य व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा, AI शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
NEP 2020 Refresher Programme : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा आयोजित 12 दिवसीय पुनर्श्चर्या (रिफ्रेशर) कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शैक्षिक सुधार’ का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), भारतीय ज्ञान परंपरा और उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों पर विस्तार से चर्चा की।
NEP 2020 Refresher Programme : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उसे कौशल, नवाचार और रोजगार से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
NEP 2020 Refresher Programme : उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy), बहु-प्रवेश एवं बहु-निर्गम (Multiple Entry-Exit), अकादमिक क्रेडिट प्रणाली, भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित पाठ्यक्रम, व्यावसायिक शिक्षा, समान एवं समावेशी शिक्षा तथा विषय चयन में लचीलापन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान विद्यार्थियों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने प्रभावी शैक्षिक प्रशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था पर भी विशेष बल दिया।
NEP 2020 Refresher Programme : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, इसलिए विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को इसके साथ समालोचनात्मक (Critical Thinking) और सृजनात्मक चिंतन (Creative Thinking) विकसित करना होगा।
NEP 2020 Refresher Programme : उन्होंने कहा कि आजीवन अधिगम (Lifelong Learning), स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़ाव और वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है। प्रो. शुक्ला ने कहा कि भौतिक एवं सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता के माध्यम से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
NEP 2020 Refresher Programme : कार्यक्रम के प्रथम शैक्षणिक सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान के मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक प्रो. भुवन चन्द्र महापात्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में क्रेडिट आधारित चयन प्रणाली (CBCS) तथा ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और लचीली शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ विषय चयन की स्वतंत्रता भी सुनिश्चित करती है।
NEP 2020 Refresher Programme : द्वितीय सत्र में श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी (कर्नाटक) की निदेशक प्रो. मिनाक्षी बिस्वाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना आवश्यक है।
NEP 2020 Refresher Programme : कार्यक्रम के प्रारंभ में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक प्रो. रमाकान्त सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सह-समन्वयक डॉ. ध्यानेंद्र कुमार मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर डॉ. विनय सिंह, अनुपम मिश्रा, दीपशिखा श्रीवास्तव, त्रियंबिका सिंह, सारिका, सरस्वती सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे।
NEP 2020 Refresher Programme : यह 12 दिवसीय पुनर्श्चर्या कार्यक्रम 18 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों, शैक्षिक सुधारों, शिक्षण नवाचारों तथा उच्च शिक्षा की नई चुनौतियों और संभावनाओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।