Mental Health Workshop : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में आयोजित तीन दिवसीय ‘मनोसंवाद’ राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज सामाजिक आवश्यकता बन चुका है।

Mental Health Workshop : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में तीन दिवसीय ‘मनोसंवाद’ राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
Mental Health Workshop : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘मनोसंवाद: परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य– विशेषज्ञ दृष्टिकोण और पद्धतियां’ का बुधवार को शुभारंभ हुआ। मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन, काउंसलिंग सेल एवं रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक परामर्श और भावनात्मक संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

Mental Health Workshop : कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रभावी काउंसलिंग सेवाओं और सकारात्मक संवाद की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया।
Mental Health Workshop : कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘मनोसंवाद’ कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक प्रबंधन तथा व्यवहारिक काउंसलिंग की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को संवेदनशील, जागरूक और सामाजिक रूप से उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
Mental Health Workshop : कार्यशाला में आई.एम.एस. बीएचयू के वरिष्ठ काउंसलर मनोज कुमार तिवारी ने युवाओं में बढ़ते तनाव, चिंता और भावनात्मक असंतुलन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक संवाद, आत्मविश्वास और उचित परामर्श मानसिक समस्याओं से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Mental Health Workshop : विशेष वक्ता मनीषा राय ने एचआईवी जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता और काउंसलिंग प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और भावनात्मक सहयोग के माध्यम से एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है तथा संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सकता है।
Mental Health Workshop : इसके अलावा आई.एम.एस. बीएचयू की एचआईवी/एड्स काउंसलर एवं मदर एंड बेबी केयर विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा पांडेय ने गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और परिवारों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में संवेदनशील काउंसलिंग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो परिवारों को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।
Mental Health Workshop : आयोजन सचिव डॉ. मुकेश कुमार पंथ, सह-आयोजन सचिव डॉ. दुर्गेश के. उपाध्याय एवं डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगामी दिनों में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहारिक काउंसलिंग के विविध आयामों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन विकास विश्वकर्मा एवं श्रेयाश ने किया।