Mental Health Workshop : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में ‘केस हिस्ट्री और मानसिक स्थिति की जांच’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मानसिक रोगों की पहचान और क्लिनिकल मूल्यांकन की तकनीकों की जानकारी दी।

Mental Health Workshop : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और क्लिनिकल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘केस हिस्ट्री और मानसिक स्थिति की जांच’ विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन होप फाउंडेशन फॉर साइकियाट्री एंड आई चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से संपन्न हुआ।
Mental Health Workshop : कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मनोचिकित्सक डॉ. पी.के. सिंह ने विद्यार्थियों को मानसिक रोगों की पहचान, रोगियों के व्यवहार के विश्लेषण तथा मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मानसिक रोग के सही उपचार के लिए रोगी की केस हिस्ट्री और उसकी मानसिक स्थिति का गहन अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

Mental Health Workshop : उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों और क्लिनिकल केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया कि मानसिक रोगियों के व्यवहार, भावनात्मक स्थिति, सोचने की क्षमता तथा सामाजिक प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाता है। साथ ही उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

Mental Health Workshop : कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण देना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के मामलों को समझने और क्लिनिकल दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मनोविज्ञान के विद्यार्थियों के लिए केस हिस्ट्री तैयार करना और मानसिक स्थिति की जांच की प्रक्रिया को समझना भविष्य के पेशेवर जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
Mental Health Workshop : इस अवसर पर प्रो. रश्मि सिंह, डॉ. मुकेश कुमार पंथ सहित विभाग के अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न भी पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया।