Female Marriage Age in India : कश्मीर से बंगाल तक शादी की उम्र में बड़ा अंतर- कहीं 26 साल तो कहीं 21 में हो रही शादी, SRS रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

Female Marriage Age in India : SRS 2023 रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिलाओं की शादी की औसत उम्र 22.9 वर्ष है। जानें किन राज्यों में लड़कियों की शादी जल्दी और कहां सबसे देर से हो रही है।

Female Marriage Age in India : भारत जैसे विविधताओं वाले देश में शादी की परंपराएं और सामाजिक सोच क्षेत्र के अनुसार काफी अलग-अलग हैं। हाल ही में जारी Sample Registration System (SRS) 2023 के आंकड़ों ने महिलाओं की शादी की औसत उम्र को लेकर कई अहम तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं की शादी की औसत उम्र अब बढ़कर 22.9 वर्ष हो गई है। यह संकेत देता है कि समाज में बेटियों की शिक्षा और करियर को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि, यह सुधार पूरे देश में समान रूप से नहीं दिखता।

Female Marriage Age in India : उत्तर भारत में देर से हो रही शादी

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में लड़कियां अपेक्षाकृत अधिक उम्र में शादी कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर: 26.3 वर्ष (सबसे अधिक)
दिल्ली: 24.6 वर्ष
हिमाचल प्रदेश: 24.5 वर्ष
इन राज्यों में शिक्षा का स्तर, आर्थिक स्थिति और महिलाओं की आत्मनिर्भरता शादी की उम्र को प्रभावित कर रही है।

Female Marriage Age in India : पूर्वी भारत में कम उम्र में विवाह

इसके विपरीत, पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में आज भी कम उम्र में शादी का चलन जारी है:
पश्चिम बंगाल: 21.3 वर्ष (सबसे कम)
झारखंड: 21.5 वर्ष
बिहार: 21.6 वर्ष
इन क्षेत्रों में सामाजिक परंपराएं, आर्थिक चुनौतियां और जागरूकता की कमी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

Female Marriage Age in India : क्षेत्रीय असमानता साफ

SRS 2023 के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि भारत में शादी की उम्र को लेकर गहरा भौगोलिक अंतर मौजूद है। जहां उत्तर और कुछ पश्चिमी राज्यों में विवाह की उम्र बढ़ रही है, वहीं पूर्वी भारत में अभी भी बाल विवाह जैसी प्रवृत्तियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

Female Marriage Age in India : महिलाओं पर सीधा असर

कम उम्र में शादी का सीधा प्रभाव महिलाओं के जीवन पर पड़ता है:
स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर
शिक्षा अधूरी रहना
आर्थिक अवसरों में कमी
श्रम बल में कम भागीदारी
वहीं, जिन राज्यों में शादी देर से हो रही है, वहां महिलाएं अधिक शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक बन रही हैं।

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