Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : वाराणसी के माइक्रोटेक कॉलेज के डॉ. पंकज राजहंस और डॉ. नीरज राजहंस को शिक्षा और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।
Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : वाराणसी-जहाँ सोच ऊँची होती है, वहीं समाज की प्रगति सच्ची कहलाती है और जहाँ शिक्षा संस्कार बनती है, वहीं से समाज के बदलाव की मजबूत नींव रखी जाती है। इसी विचारधारा को साकार करते हुए माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, वाराणसी के अधिशासी निदेशक डॉ पंकज राजहंस और प्रबंधक डॉ नीरज राजहंस को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : यह सम्मान उन्हें शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, समर्पण और समाज के प्रति सकारात्मक सोच के लिए प्रदान किया गया। दोनों शिक्षाविदों ने अपने नेतृत्व में न केवल शिक्षा के स्तर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है, बल्कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के लिए भी कई प्रेरणादायक पहल की हैं।
Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : माइक्रोटेक एजुकेशनल सोसाइटी के माध्यम से उन्होंने गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए हैं। हाल ही में उनके द्वारा सेंट्रल जेल वाराणसी में लगभग 300 कैदियों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण कराया गया, जिसमें से 100 से अधिक कैदियों को मुफ्त चश्मा भी वितरित किया गया। इस पहल ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।
Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : डॉ. राजहंस को क्षेत्र में “गरीबों के मसीहा” के रूप में भी जाना जाता है। उनके प्रयासों से शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य निरंतर जारी है। इस उपलब्धि पर संस्थान के शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।
Pankaj Rajhans and Neeraj Rajhans : सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पंकज राजहंस और डॉ. नीरज राजहंस ने इसे अपनी पूरी टीम और विद्यार्थियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और वे आगे भी शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने अपनी प्रेरणा का स्रोत नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को बताया। उनका मानना है कि जब शिक्षा, सेवा और सामंजस्य एक साथ चलते हैं, तब समाज में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव होता है।