BHU Student Assault Case : BHU में जाति पूछकर छात्र की पिटाई- हिंदी विभाग में मारपीट का आरोप, आरोपी छात्र नेता गिरफ्तार

BHU Student Assault Case : वाराणसी के बीएचयू में छात्र से जाति पूछकर मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी छात्र नेता को गिरफ्तार कर लिया है, जांच जारी है।

BHU Student Assault Case : वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एक बार फिर विवादों में आ गया है। विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में परास्नातक द्वितीय वर्ष के छात्र के साथ कथित तौर पर जाति पूछने के बाद मारपीट की घटना ने कैंपस का माहौल गरमा दिया है। पीड़ित छात्र प्रशांत मिश्र ने लंका थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि बुधवार सुबह लगभग 11:45 बजे वह अपनी कक्षा में बैठा हुआ था। इसी दौरान समाजवादी छात्र सभा, बीएचयू इकाई के अध्यक्ष हिमांशु यादव कक्षा में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले छात्र से उसका कोर्स और फिर उसकी जाति पूछी।

BHU Student Assault Case : जाति पूछने के बाद शुरू हुआ विवाद

पीड़ित के अनुसार, जाति बताने के बाद आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। आरोप है कि आरोपी ने कक्षा के भीतर ही छात्र की पिटाई की और उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

BHU Student Assault Case : CCTV फुटेज बना अहम सबूत

घटना के समय कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू थे, जिससे पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। यह फुटेज अब पुलिस जांच में अहम भूमिका निभा सकता है और सच्चाई सामने लाने में मददगार होगा।

BHU Student Assault Case : पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु यादव को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

BHU Student Assault Case : कैंपस में बढ़ा तनाव

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच तनाव का माहौल बन गया है। छात्र संगठनों और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई छात्र इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

BHU Student Assault Case : बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की घटना न केवल शिक्षा के माहौल पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और कैंपस सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और विश्वविद्यालय प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।

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