Varanasi Junction Parking: वाराणसी जंक्शन की पार्किंग में यात्रियों से निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली के मामले में रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। पार्किंग संचालक पर ₹2.5 लाख जुर्माना लगाया गया।

Varanasi Junction Parking: वाराणसी जंक्शन पर पार्किंग वसूली का खेल! यात्रियों से मनमाने शुल्क पर रेलवे ने लगाया ₹2.5 लाख जुर्माना
Varanasi Junction Parking: वाराणसी। वाराणसी जंक्शन के प्रथम प्रवेश द्वार पर संचालित मिक्स पार्किंग में यात्रियों से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक वसूली का मामला सामने आने के बाद रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। यात्रियों की शिकायतों और औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने पार्किंग संचालक पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद पार्किंग व्यवस्था में मनमानी वसूली पर अंकुश लगाने की उम्मीद जगी है। मामला वाराणसी जंक्शन के प्रथम प्रवेश द्वार पर संचालित मिक्स पार्किंग से जुड़ा है। यहां आने वाले यात्रियों और वाहन स्वामियों से निर्धारित पार्किंग शुल्क से अधिक रकम वसूलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों में आरोप था कि कम समय के लिए वाहन खड़ा करने पर भी पार्किंग कर्मचारियों की ओर से कई गुना अधिक शुल्क लिया जा रहा था।
Varanasi Junction Parking: 15 मिनट के लिए वसूले गए ₹60, निर्धारित शुल्क था सिर्फ ₹20

रेलवे के अनुसार, 13 मार्च को एक वाहन स्वामी ने पार्किंग शुल्क में अनियमित वसूली की शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक, वाहन स्वामी की कार को पार्किंग में महज 15 मिनट खड़ा किया गया, लेकिन उससे 60 रुपये वसूल लिए गए। पार्किंग संचालक की ओर से वाहन स्वामी को 0 से 24 घंटे के लिए 60 रुपये की कंप्यूटराइज्ड पार्किंग पर्ची दी गई। जबकि रेलवे की निर्धारित दर के अनुसार 0 से 2 घंटे तक फोर-व्हीलर पार्किंग का शुल्क सिर्फ 20 रुपये है। इस तरह 15 मिनट के लिए वाहन खड़ा करने वाले यात्री से निर्धारित शुल्क के मुकाबले करीब तीन गुना रकम वसूली गई। इससे पार्किंग व्यवस्था में निर्धारित शुल्क और वास्तविक वसूली के बीच गंभीर अंतर सामने आया।
Varanasi Junction Parking: 16 मिनट के लिए भी यात्री से लिए गए ₹50
इसी तरह 25 जून को भी पार्किंग शुल्क में अनियमितता का एक और मामला सामने आया। इस मामले में एक अन्य वाहन स्वामी ने बताया कि उसकी कार पार्किंग में महज 16 मिनट खड़ी रही, लेकिन उससे 50 रुपये वसूल लिए गए। इस मामले में भी वाहन स्वामी को 0 से 24 घंटे के लिए 60 रुपये की कंप्यूटराइज्ड पार्किंग पर्ची दी गई। यानी कम अवधि के लिए वाहन खड़ा करने के बावजूद निर्धारित समय-आधारित शुल्क के अनुरूप वसूली नहीं की गई। लगातार सामने आई इन शिकायतों ने पार्किंग संचालन की निगरानी और शुल्क वसूली की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
Varanasi Junction Parking: औचक निरीक्षण में भी मिलीं अनियमितताएं
शिकायतों के बीच रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग व्यवस्था का औचक निरीक्षण भी किया। 1 सितंबर को एडीआरएम बृजेश यादव और स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भी पार्किंग व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद अधिकारियों की ओर से तैयार की गई संयुक्त रिपोर्ट में पार्किंग संचालन से जुड़ी गड़बड़ियों को दर्ज किया गया। शिकायतों और औचक निरीक्षण की रिपोर्ट को आधार बनाकर रेलवे ने पार्किंग संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
Varanasi Junction Parking: पहले भी दी जा चुकी थी कार्रवाई की चेतावनी
रेलवे प्रशासन की ओर से पार्किंग संचालकों को पहले भी यात्रियों से निर्धारित शुल्क ही लेने और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद शुल्क वसूली में अनियमितता की शिकायतें सामने आने के बाद रेलवे को सख्त कदम उठाना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था में यात्रियों से मनमानी वसूली किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क के अनुसार ही भुगतान करना होगा और इसके लिए उन्हें उचित पार्किंग रसीद भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
Varanasi Junction Parking: यात्रियों की सुविधा रेलवे की प्राथमिकता
स्टेशन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था रेलवे की प्राथमिकता है। स्टेशन डायरेक्टर ने कहा कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। रेलवे की कार्रवाई से यात्रियों को उम्मीद है कि अब पार्किंग शुल्क वसूली की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी। साथ ही पार्किंग कर्मचारियों पर भी निर्धारित दरों के पालन का दबाव बढ़ेगा।
Varanasi Junction Parking: नियमित निगरानी जरूरी, तभी रुकेगी मनमानी वसूली
पार्किंग संचालक पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद फिलहाल व्यवस्था में सुधार नजर आ रहा है। हालांकि, यात्रियों के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या यह सख्ती लगातार जारी रहेगी। वाराणसी जंक्शन जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अपने निजी वाहनों से पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग शुल्क की स्पष्ट जानकारी, निर्धारित दरों का बोर्ड और कंप्यूटराइज्ड रसीद की अनिवार्यता बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ जुर्माना लगाने के बजाय पार्किंग स्थल पर नियमित औचक निरीक्षण, डिजिटल भुगतान की निगरानी और यात्रियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। इससे निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की संभावनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। रेलवे की मौजूदा कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया है कि यात्रियों से मनमानी पार्किंग वसूली पर रेलवे अब सख्ती के मूड में है। हालांकि इस कार्रवाई का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब वाराणसी जंक्शन की पार्किंग व्यवस्था की नियमित निगरानी होती रहे।