Dr Dayashankar Mishra Dayalu : वाराणसी में डॉ. दयालु बोले- नारी शक्ति ही सृष्टि की शक्ति

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : वाराणसी में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि नारी शक्ति ही सृष्टि की शक्ति है। उन्होंने रावण दहन को अहंकार और विकारों के नाश का प्रतीक बताया।

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : नारी शक्ति ही सृष्टि की शक्ति, रावण दहन का अर्थ अहंकार और विकारों का नाश: डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : ब्रह्माकुमारीज के जवाहर नगर सेवा केंद्र पर शिव शक्ति की अष्ट शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्य पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : आयुष मंत्री ने नारी सम्मान और आत्मिक शुद्धि को बताया पर्व का संदेश, ब्रह्माकुमारी बहनों के सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की सराहना की

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : वाराणसी, 17 अक्टूबर 2026। नवरात्रि एवं विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के जवाहर नगर सेवा केंद्र पर विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिव शक्ति दुर्गा की अष्ट शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्य, नारी शक्ति के महत्व और वर्तमान समाज में रावण दहन की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ रहे।

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मां दुर्गा की आरती की गई और पुष्पांजलि अर्पित कर सभी ने श्रद्धा व्यक्त की। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने शिव शक्ति की अष्ट शक्तियों के महत्व और उनके जीवन में व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान और सकारात्मक विचारों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में शांति, संयम और सद्भाव को बढ़ावा दे सकता है।

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : नारी शक्ति ही सृष्टि की शक्ति है: डॉ. दयालु

मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति ही सृष्टि की शक्ति है। नवरात्रि केवल देवी की पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी के सम्मान, गरिमा, सामर्थ्य और योगदान को नमन करने का अवसर भी है। समाज की प्रगति और समृद्धि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नारी के प्रति सम्मान और समानता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर रावण दहन का वास्तविक अर्थ केवल रावण के पुतले को जलाना नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, अहंकार और अन्य विकारों का नाश करना भी है। जब व्यक्ति अपने अंदर की बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करता है, तभी पर्व का वास्तविक संदेश सार्थक होता है। डॉ. दयालु ने कहा कि आध्यात्मिकता मनुष्य को आत्मचिंतन करने और अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा देती है। ब्रह्माकुमारी बहनें आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। उनके प्रयास लोगों को आत्मिक शांति, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं।

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : अष्ट शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्य पर चर्चा

कार्यक्रम में बी.के. दुर्गा दीदी, बी.के. ममता दीदी और बी.के. डॉ. आर.के. सिंह ने मुख्य रूप से अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शिव शक्ति दुर्गा की अष्ट शक्तियों के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए बताया कि इन शक्तियों का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आचरण, विचारों और जीवनशैली से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आध्यात्मिक चेतना, आत्मबल, धैर्य, विवेक और सकारात्मक दृष्टिकोण को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। वक्ताओं के अनुसार, आंतरिक शक्तियों का विकास व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने और समाज में बेहतर योगदान देने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आध्यात्मिक मूल्यों को सामाजिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमार भाई-बहनों की उपस्थिति रही।

Dr Dayashankar Mishra Dayalu : मंत्री ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं

मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने सभी को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी रीना तुलस्यान ने किया। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के सभापति संतोष अग्रवाल, मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी, पीजी कॉलेज के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, बीएचयू आईआईटी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. राम प्यारे, इंद्रेश मिश्रा ‘बबलू’, सौरभ पाठक, रीना तुलस्यान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संदेश रहा कि नारी शक्ति का सम्मान, आध्यात्मिक मूल्यों का पालन और अपने भीतर की बुराइयों का त्याग ही नवरात्रि एवं विजयादशमी के पर्व की वास्तविक भावना है।

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