Varanasi Boat Safety Rules : बिना लाइफ जैकेट नाव पर पार्टी और सेल्फी पड़ी भारी- वाराणसी में 15 नावें सीज, गंगा घाटों पर बढ़ी सख्ती

Varanasi Boat Safety Rules : वाराणसी में गंगा घाटों पर बिना लाइफ जैकेट नाव की सवारी और ओवरलोडिंग पर पुलिस सख्त हो गई है। 15 नावें सीज कर एफआईआर दर्ज की गई, साथ ही घाटों पर सेफ्टी नेट और फ्लोटिंग बैरिकेडिंग लगाने की तैयारी तेज।

Varanasi Boat Safety Rules : वाराणसी में गंगा घाटों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ने लगी है। हाल ही में हुए जबलपुर नाव हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी कड़ी में कमिश्नरेट पुलिस और जल पुलिस की टीम ने शुक्रवार को नमो घाट से रविदास घाट तक सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाली 15 नावों को सीज कर दिया गया।

Varanasi Boat Safety Rules : अभियान के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही बिना लाइफ जैकेट नाव की सवारी करना और सेल्फी व रील बनाने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना सामने आया। कई नावों में यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी जरूर थी, लेकिन उसे ठीक से लॉक नहीं किया था। वहीं कुछ नावों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं, जो हादसे को न्योता दे सकती थीं।

Varanasi Boat Safety Rules : अस्सी घाट पर एक नाव को करीब 100 मीटर तक पीछा कर रोका गया, जिसमें यात्री बिना लाइफ जैकेट सेल्फी ले रहे थे। वहीं एक अन्य नाव पर जन्मदिन की पार्टी मना रहे युवाओं की नाव को भी पुलिस ने सीज कर दिया। पुलिस ने सभी संबंधित नाविकों और मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Varanasi Boat Safety Rules : एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि गंगा में नौकायन के दौरान सुरक्षा नियमों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

Varanasi Boat Safety Rules : गंगा घाटों पर बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजाम

गंगा घाटों पर लगातार बढ़ रही डूबने की घटनाओं को देखते हुए जल पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। मई से जुलाई के बीच हादसों की संख्या ज्यादा होने के कारण प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।

Varanasi Boat Safety Rules : पिछले चार वर्षों में 152 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नमो घाट से रविदास घाट तक लगभग 9 किलोमीटर के क्षेत्र में फ्लोटिंग बैरिकेडिंग और सेफ्टी नेट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 11 घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग और जाल लगाए जा चुके हैं। 9 प्रमुख घाटों पर वॉच टावर बनाए जा रहे हैं। 8 घाटों पर फ्लोटिंग जेटी स्थापित की जा रही है। खतरनाक इलाकों में चेतावनी बोर्ड (साइनेज) लगाए जा रहे हैं। अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, केदार घाट समेत कई प्रमुख घाटों को हाई-रिस्क जोन में चिन्हित किया गया है।

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